न्यूज़लिंक हिंदी। आए दिन रेलवे प्रशासन दुर्घटनाओं से बचने के लिए लोगों को तरह-तरह से जागरुक कराने के लिए हर संभव प्रयास करता रहता हैं , लेकिन इसके बाद भी लोग लापरवाही के कारण अपनी जान गवां रहे हैं।
यहां मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रहे इंटर का छात्र दोस्तों के साथ रात में घूमने निकल गया। जहां वह रेलवे पटरी पर बैठकर मोबाइल से बात करने लगा। इसी दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर परिजनों को मामले की जानकारी दी।
मूलरूप से औरैया के दिबियापुर निवासी 19 वर्षीय क्षितिज त्रिपाठी उर्फ अंश जीआईसी भौंती से इंटर कर रहा था। वह पिछले तीन वर्ष से पढ़ाई के कारण अपने सिक्योरिटी गार्ड मामा सतीश चंद्र के घर पनकी पड़ाव में रह रहा था। मामा ने बताया कि वह नाइट डयूटी में चले जाते थे, तो भांजा क्षितिज खाना खाने के बाद घर के पास रहने वाला अभिन्न दोस्त जतिन के पास जाकर पढ़ाई करता था।
बताया कि गुरुवार रात वह दोस्तों के पास जाने की बात कहकर घर से बाहर निकला था। जब रात होने लगी तो उसे कॉल की गई लेकिन मोबाइल बंद बताने लगा। परिजनों ने दोस्त जतिन को फोन करके क्षितिज के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह नहीं आया। जिस पर वह लोग घबरा गए। बताया कि कई बार फोन मिलाया लेकिन देर रात तक वह बंद ही बताता रहा। उन लोगों ने ढूंढना शुरू किया लेकिन कोई भी जानकारी नहीं हुई।
शनिवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई जिस पर कुछ लोगों ने बताया कि रात में ट्रेन से एक हादसा हुआ था। इस पर उन लोगों ने जीआरपी सेंट्रल से संपर्क किया। जिसने पोस्टमार्टम पहुंचकर युवक की शिनाख्त करने की पूर्ण जानकारी दी। वह लोग मौके पर पहुंचे और क्षितिज की पहचान की। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे उसके दोस्तों ने बताया कि वह लोग में घूमते-घूमते पांडु नदी के पास रेलवे पटरी पर बैठ गया और किसी से फोन पर बात करने लगा था।
इतने में ट्रेन की चपेट में आने से उसने अपनी जान गवा दी । आरोप है, कि हादसे के बाद मौके से फोन भी चोरी हो गया। घटना के बाद मां उमा और छोटा भाई प्रियम बदहवास हो गए। जीआरपी सेंट्रल का कहना था कि रेलवे प्रशासन रोजाना हादसों को देखते हुए तरह-तरह से लोगों को लगातार जागरुक भी करता है, इसके बाद भी लोग लापरवाही से जान गवां रहे हैं।

