न्यूज़लिंक हिंदी। दुर्गा मंदिर के पास खुले देसी शराब ठेका के विरोध में महिलाओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी की। इसी वर्ष एक अप्रैल को ठेका नियम विरुद्ध ढंग से खोल दिया गया पर किसी जिम्मेदार ने सुध नहीं ली।
जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसीएम द्वितीय को सौंपा गया। मामले की जांच के बाद कार्रवाई के मुख्य निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सेक्टर 10 के आबकारी निरीक्षक शैलेश कुमार शुक्ला के अनुसार, विरोध प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिए भी तहरीर दी गई है।
जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और शराब ठेका हटाने की पूर्ण मांग की। आरोप है कि ठेके के आसपास शराब पीकर नशेबाज अभद्रता करते हैं।
आदित्य सचान, शिवकुमार सचान, शांति उमराव, सुमित्रा देवी, किशना, ममता, सोनवती समेत अन्य ने बताया कि शराब ठेका के कारण आसपास के 500 से अधिक घरों के लोगों के लिए बहुत ही ज्यादा समस्याएं खड़ी हो गई हैं। नियम के तहत मंदिर के पास शराब ठेका नहीं होना चाहिए।
मंदिर के पास शराब ठेका खुलने के जिम्मेदार सीधे तौर पर आबकारी विभाग के अफसर और क्षेत्रीय निरीक्षक हैं। साथ ही स्थानीय पुलिस भी जिम्मेदार है। लोगों की परेशानी के बावजूद ये लोग किसी भी तरह का कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शराब ठेका के आसपास शहरी क्षेत्र में 50 मीटर, नगर निगम अंतर्गत 100 मीटर तक कोई शिक्षण संस्थान, धार्मिक स्थल नहीं होने चाहिए। जिस जगह ठेका खुला है, उसके पास ही स्कूल है, जबकि मंदिर तो एकदम सटा हुआ है।

