न्यूज़लिंक हिंदी। कर्ज में डूबे प्रिटिंग प्रेस के मालिक ने लगाया जुगाड़, बढ़ते कर्ज से छुटकारा पाने के लिए प्रियेश ने कई हथकंडे अपनाए लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ। इसके बाद उसके शातिर दिमाग में एक तरकीब आई और उसने इतना बड़ा कांड कर डाला कि जानकर शायद आप भी चौंक जाएं।
जुर्म की ये कहानी है केरल के कासरगोड में रहने वाले वी प्रियेश की, जिसके पास से पुलिस ने 500 के नकली नोटों का एक बड़ी खेप बरामद की है। कहानी का खुलासा उस वक्त हुआ, जब कर्नाटक की मंगलुरु पुलिस को अपने खुफिया सूत्रों से खबर मिली कि हम्पनकट्टा के एक लॉज से नकली नोट चलाए जा रहे हैं।
पुलिस ने छापा मारा तो यहां से 2,13,500 रुपये कीमत के नकली नोटों की एक बड़ी खेप बरामद हुई। ये सभी नोट 500-500 के थे। साथ ही नकली नोटों का गैंग चलाने वाले सरगना वी प्रियेश को भी गिरफ्तार किया। वी प्रियेश से पूछताछ हुई तो पता चला कि वो पहले केरल के कासरगोड में प्रिंटिंग प्रेस चलाता था और उसके गैंग में तीन और लोग भी शामिल हैं।
पुलिस ने इन तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरोह का सरगना वी प्रियेश है कर्ज में डूबा हुआ था और उसने पैसे कमाने के लिए नकली नोट छापने का तरीका यूट्यूब पर सीखा। इसके बाद उसने नकली नोट छापने के लिए कोझिकोड और दिल्ली से कच्चा माल और एक खास तरह की प्रिंटिंग मशीन भी खरीदी।
पुलिस ने ये भी बताया कि प्रियेश 1 लाख रुपये के नकली नोट 25,000 रुपये में बेचता था। गिरोह के बाकी सदस्य मंगलुरु में इन नोटों को बाजार में खपाते थे। पुलिस को शक है कि प्रियेश पिछले तीन से पांच महीनों से नकली नोट पूर्ण तरह से छाप रहा था। रोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और 9,030 रुपये के असली नोट भी जब्त किए गए।

