Karwa Chauth 2023 : अगर पहली बार कर रही हैं करवा चौथ व्रत तो भूलकर भी न करें , ये 5 गलतियां

सुबह 4 बजे से पहले ही सरगी खा लेना चाहिए। सूर्योदय के बाद सरगी खाने से परहेज करना चाहिए।

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न्यूज़लिंक हिंदी। हिन्दू धर्म में करवा चौथ का व्रत सभी सुहागन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस दिन सभी पत्नियां अपने पति की लम्बी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। अगर आप पहली बार इस व्रत को करने जा रही हैं तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना बहुत जरूरी है।अक्सर महिलाएं कुछ ऐसी गलतियां कर देती हैं । जिनकी वजह से उन्हें व्रत का पूर्ण फल प्राप्‍त नहीं हो पाता है। आज हम आपको बतायेंगे कि व्रत रखते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

सूर्योदय से पहले सरगी खाएं..
करवा चौथ का व्रत पूरे दिन निर्जला रखा जाता है। सूर्योदय से पहले यानी अमावस्या तिथि में सरगी खाई जा सकती है| सूर्योदय के बाद करवा चौथ का व्रत शुरू हो जाता है। ऐसे में सुबह 4 बजे से पहले ही सरगी खा लेना चाहिए। सूर्योदय के बाद सरगी खाने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि इससे व्रत भंग हो जाएगा।

मेहंदी और सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व..
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं अपने हाथों पर खूबसूरत डिजाइन वाली मेहंदी लगाती हैं। मेहंदी लगाने का यह परंपरागत रिवाज है। इस दिन सोलह श्रृंगार करना भी महत्वपूर्ण होता है। इनमें बिंदी, काजल, चूड़ियां, नाथ, अंगूठी, कंगन, कर्वेय, हार, मेहंदी, मंगलसूत्र, बिच्छू, सिंदूर, पायल, आभूषण और फूल आदि शामिल हैं। ये सभी श्रृंगार एक सुहागिन महिला के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सोलह श्रृंगार करने के बाद ही सुहागिन महिला को पूजा करना चाहिए।

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कपड़े के रंगो का रखें खास ध्यान..
परांपराओं के अनुसार पूजा-पाठ में शुभ रंगों के कपड़े पहनने का रिवाज है ऐसे में करवा चौथ के दिन पहने जाने वाले कपड़ों का रंग बहुत मायने रखता है। इस दिन लाल, पीला, हरा, गुलाबी और नारंगी रंग के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है क्योंकि ये शुभ रंग माने जाते हैं। काला और सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।

पति के साथ झगड़ा न करना..
करवा चौथ के दिन पति से किसी भी प्रकार का झगड़ा या वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। करवा चौथ का व्रत पति की लंबी उम्र और सुख-शांति के लिए रखा जाता है। इसलिए इस दिन पति-पत्नी को आपस में प्रेम और सद्भाव बनाए रखना चाहिए। किसी भी बात पर पति से झगड़ा या लड़ाई नहीं करनी चाहिए।

कथा-वचन..
करवा चौथ का व्रत तभी पूरा माना जाता है जब महिलाएं दिनभर का निर्जल उपवास रखने के बाद शाम को पूजा करती हैं और फिर कथा सुनती हैं। इस दिन पौराणिक कथाओं को जरूर सुनना चाहिए। व्रत को सफल बनाने के लिए अवश्य ही कथा-वचन सुनें और पति की लंबी आयु की कामना करें।

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