Karwa Chauth 2023: इस साल करवा चौथ पर 15000 करोड़ रुपये खर्च, अकेले दिल्ली में 1.5 हजार करोड़ की होगी बिक्री

करवा चौथ पर खरीदारी को लेकर दिल्ली सहित देश भर के बाज़ारों में काफ़ी रौनक़ दिखाई दे रही है और ऐसी संभावना है कि इस बार देश भर में करवा चौथ का कारोबार 15 हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा का होगा। अकेले दिल्ली में ही करवा चौथ पर लगभग डेढ़ हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है।

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न्यूज़लिंक हिंदी। करवा चौथ का व्रत 1 नवंबर यानी आज मनाया जा रहा है। इस दिन चंद्र देव की उपासना से महिलाओं के वैवाहिक जीवन में सुख शांति और पति की लंबी उम्र का वरदान प्राप्त होता है। इसके साथ ही खरीदारी की बात करे तो, करवा चौथ पर खरीदारी को लेकर दिल्ली सहित देश भर के बाज़ारों में काफ़ी रौनक़ दिखाई दे रही है और ऐसी संभावना है कि इस बार देश भर में करवा चौथ का कारोबार 15 हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा का होगा। अकेले दिल्ली में ही करवा चौथ पर लगभग डेढ़ हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है। यूँ तो करवा चौथ महिलाओं का त्यौहार है लेकिन अब पत्नी का साथ देने के लिए पुरुष भी करवा चौथ का व्रत रखने लग गए हैं।

इससे पिछले साल 2022 की बात करें तो करवा चौथ पर लगभग 11,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इस बार इस आंकड़े में तगड़ा उछाल दिख सकता है और अनुमान ये भी है कि अकेले राजधानी दिल्ली में ही करीब 1500 करोड़ रुपये की खरीदारी के साथ पिछले सारे कीर्तिमान टूट जाएंगे, दिल्ली में बीते साल करवा चौथ पर करीब 1100 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था।

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25% तक रहेगी सोने-चांदी की हिस्सेदारी कुल बिक्री में
कैट के मुताबिक, करवा चौथ पर देशभर में होने वाले कुल कारोबार में सोने-चांदी के आभूषणों की हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी रहने की उम्मीद है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने बताया कि इस करवा चौथ पर परिधानों पर सबसे अधिक खर्च होने का अनुमान है। 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के कुल कारोबार में वस्त्रों एवं साड़ियों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 35 फीसदी रह सकती है। पूजा सामग्री व्यापार की हिस्सेदारी 10 फीसदी, मेहंदी की 10 फीसदी, मिठाइयां व अन्य की 10 फीसदी, बर्तन की 5 फीसदी और फूल कारोबार की हिस्सेदारी 5 फीसदी रहने का अनुमान है।

चांदी के करवे की बाजार में अधिक मांग
छलनी, दीया व पूजा से जुड़ीं सामग्रियों के अलावा इस बार चांदी से बने करवे की भी बाजार में अधिक मांग है।

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मेंहदी का भी बंपर कारोबार
करवा चौथ की पूजा में शुद्ध घी, गंगाजल, चावल, मिठाई, लाल महावर (रंग),कंघी, बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी चुनरी शिव-पार्वती और भगवान गणेश की एक फोटो, व्रत कथा की किताब, दीपक गौरी बनाने मिट्टी या गाय का गोबर, गेंहू ,पानी का लोटा, कच्चा दूध कुमकुम अगरबत्ती फल-फूल आदि रखे जाते हैं। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि करवा चौथ के पर्व पर मेहंदी लगाना बहुत शुभ माना जाता है और इसलिए देश भर में मेहंदी का बड़ा कारोबार होता है। बाज़ारों, मंदिरों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मेहंदी लगाने वाले बैठ जाते हैं और उनसे मेहँदी लगवाने वाली महिलाओं की लाइन लगी रहती है। दिल्ली में कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर एक ऐसी जगह है जहां हज़ारों महिलाएँ हाथों में मेहँदी लगवाती है।

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