घर बैठे आवंटी ले सकेंगे प्रॉपर्टी की जानकारी, डुप्लीकेट आवंटन पत्र भी निकाल सकेंगे, केडीए ने लांच किया यह सॉफ्टवेयर

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केडीए ने आवंटियों की सुविधाओं के लिये एक नया ‘‘प्रापर्टी मैनेजमेण्ट साफ्टवेयर’’ किया लांच।

केडीए ने आवंटियों की सुविधाओं के लिये एक नया ‘‘प्रापर्टी मैनेजमेण्ट साफ्टवेयर’’ किया लांच।

कानपुर विकास प्राधिकरण ने बुधवार को प्राधिकरण द्वारा आवंटित सम्पत्तियों के आवंटियों को समस्त सुविधायें घर बैठे दिये जाने के लिये एक नया ‘‘प्रापर्टी मैनेजमेण्ट साफ्टवेयर’’ लांच कर दिया। यह कई महीनों से तैयार कराया जा रहा था। केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह ने सभागार में बैठक कर इसका प्रेजेंटेशन देखा। उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर की मदद से अब आवंटी सम्पत्ति के प्रत्येक कार्य जैसे जमा की गयी धनराशि, बकाया धनराशि आदि की जानकारी घर बैठे ले सकेगा।  अभी लोगों को केडीए में भौतिक रूप से आकर प्रार्थना पत्र देना पड़ता था। जिसपर कार्यवाही के लिये प्राधिकरण अधिकारियों को कर्मचारियों को काफी समय लगता था।

प्रजेंटेशन देखते केडीए वीसी व अन्य अधिकारी।

मदन सिंह ने बताया कि इस साफ्टवेयर का एक्सेस ऑनलाइन रहेगा, प्राधिकरण का आवंटी इस साफ्टवेयर पर अपनी लाॅग-इन आईडी/मोबाइल नम्बर के माध्यम से लाॅग-इन कर अपनी सम्पत्ति के बावत लगभग समस्त जानकारी यथा आवंटन पत्र की डुप्लीकेट प्रति, जमा की गयी धनराशि, बकाया धनराशि आदि स्वयं देख सकेगा, जिसके आधार पर आवंटी बकाया धनराशि ऑनलाइन अथवा चालान जनरेट कर एचडीएफसी बैंक में जमा कर सकेगा। धनराशि जमा करते ही साॅफ्टवेयर पर यह धनराशि भी रियल टाइम में अपडेट हो जायेगी।

इस साफ्टवेयर का लाभ यह होगा कि एक ओर तो प्राधिकरण के आवंटी को उपरोक्त जानकारी हेतु प्राधिकरण में किसी प्रार्थना पत्र देने की आवश्यकता ही नहीं होगी, वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अत्यधिक सुविधा मिलेगी, उनको इस हेतु कोई पत्रावली संचालित नहीं करनी होगी।

आवश्यक दिशा निर्देश भी केडीए वीसी ने दिये।

आवंटी के जिन कार्यो में प्राधिकरण के 03 विभाग विक्रय विभाग, कम्प्यूटर विभाग, लेखा विभाग  होते थे, अब वह काम लगभग स्वतः संचालित होगा। केडीए अधिकारियों के अनुसार प्राधिकरण को किसी भी योजना-सम्पत्ति के विरूद्ध बकाया धनराशि की रियल टाइम जानकारी रहने पर प्राधिकरण की आय में भी निसंदेह वृद्धि होगी।

प्राधिकरण द्वारा शताब्दी नगर योजना जिसकी लाॅटरी अभी कुछ दिवसों पूर्व सम्पादित हुई है, हेतु यह साॅफ्टवेयर लागू किया जा रहा है। कुछ ही समय में प्राधिकरण की अन्य योजनाओं में भी यह साफ्टवेयर लागू कर दिया जायेगा।

साफ्टवेयर डेवलपर कम्पनी द्वारा उपाध्यक्ष, सचिव, वित्त नियंत्रक एवं विक्रय अधिकारियों के समक्ष साफ्टवेयर का प्रेजेन्टेशन किया गया। इस दौरान प्रेजेन्टेशन में अभय कुमार पाण्डेय, सचिव, सुशील कुमार वित्त नियंत्रक, अजय कुमार ओएसडी, रवि प्रताप सिंह ओएसडी,  सत शुक्ला ओएसडी, मीनाक्षी गुप्ता ओएसडी,  अमनदीप तिवारी सहायक अभियन्ता एवं प्राधिकरण के विक्रय अनुभाग का स्टाफ उपस्थित रहे।

आवंटियों को निम्नलिखित लाभ होगें:

1. प्राधिकरण का आवंटी घर बैठे प्रापर्टी से रिलेटेड जानकारी यथा जमा की गयी धनराशि, बकाया धनराशि, ब्याज, दण्ड ब्याज आदि स्वयं देख सकेगा।
2. आवंटियों को बकाया किश्तें जमा किये जाने हेतु आॅटोमेटेड पेमेण्ट एलर्ट हेतु उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नं0 पर एस0एम0एस0 जायेगें।
3. प्राधिकरण एवं आवंटी दोनों को सम्पत्ति के बावत त्रुटिरहित वित्तीय ट्रैकिंग उपलब्ध होगी।
4. प्राधिकरण को डिफाल्टर आवंटियों के बारे में रियल टाइम जानकारी रहेगी।
5. प्राधिकरण को इस साफ्टवेयर में समस्त जानकारी फीड होने के कारण रिक्त प्रापर्टी की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।
6. कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम होने के कारण गलती की सम्भावना नगण्य होगी।
7. प्राधिकरण के कई विभागों एवं कई कर्मचारियों का कार्य साफ्टवेयर के माध्यम से संचालित होने के कारण इन विभागों एवं कर्मचारियों के समय का सदुपयोग अन्य कार्यो में किया जा सकेगा।
8. प्राधिकरण की आय में काफी वृद्धि सम्भावित है।

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