न्यूज़लिंक हिंदी। कोझिकोड की पॉस्को अदालत ने एक मामले में दोषी को 128 साल के कठोर कारावास की सजा सजा सुनाई है, इसके अलावा दोषी पर 6.60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोझिकोड पॉस्को कोर्ट के जज राजीव जयराज ने यह सजा सुनाई।
पॉस्को कोर्ट ने कोझिकोड कल्लायी के मूल निवासी इलियास अहमद को दोषी ठहराया था। इस मामले में आरोपी ने एक नाबालिग लड़की के साथ कई बार छेड़खानी की थी। यह वारदात जून 2020 से जून 2021 के बीच हुआ था। अदालत ने पाया कि पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित किए जा सकते हैं।
इसी के साथ ही कोर्ट ने जुर्माने की राशि 6.60 लाख रुपये में से 5 लाख रुपये पीड़िता को देने का निर्देश भी दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्माना नहीं देने पर दोषी को छह साल सात माह अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। कोझिकोड मेडिकल कॉलेज पुलिस इंस्पेक्टर बेनी लालू के नेतृत्व में एक टीम ने मामले की जांच की और आरोप पत्र दाखिल किया।
बता दें कि नाबालिग बच्चों के साथ यौन अपराधों के मामलों में इजाफा होने पर सरकार ने वर्ष 2012 में एक विशेष कानून बनाया था, वहीं वर्ष 2019 में उसके प्रावधानों में कड़ाई लाने के साथ ही उसमें संशोधन भी किया गया। उसी कानून का नाम पॉस्को एक्ट रखा है। इसी कानून के तहत नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है।
इस कानून के तहत अगर किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है तो उसकी तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान भी है। साथ ही इस केस में आरोपी को पुलिस जमानत नहीं दे सकती है। मामले में पुलिस सबसे पहले आरोपी को गिरफ्तार करती है और उसके बाद जांच को पूर्ण रूप से आगे बढ़ाती है।

