न्यूज़लिंक हिंदी। 13 फरवरी को दिल्ली में पंजाब के किसान कूच करेंगे। बता दे कि सोमवार को चंडीगढ़ में तीन केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच बैठक पर सहमति नहीं बनी।
अन्य मामले वापस लेने पर सहमति बन गई थी
सूत्रों के अनुसार बैठक में किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुई एफआईआर और अन्य मामले वापस लेने पर सहमति बन गई थी। वहीं किसानों के सभी प्रकार के लोन और कर्ज माफी पर पेंच फंसा हुआ था।
बता दे कि बैठक चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान परिसर में हुई। केंद्र की तरफ से बैठक में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय शामिल रहे।
किसानों को MSP के नाम पर विरोधी दल भड़का रहे- अनुराग ठाकुर
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने जालंधर में कहा कि पिछले 10 वर्षों में कांग्रेस की तुलना भाजपा सरकार ने किसानों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं। हमारी सरकार में किसानों की बात सुनी जाती है, मगर कांग्रेस के समय में ऐसा नहीं होता था। मोदी सरकार में 2.80 लाख करोड़ रुपये पीएम किसान सम्मान नीति के तहत किसानों में बांटे गए हैं।
केंद्र सरकार करीब 3 लाख करोड़ रुपये यूरिया खाद पर हमारी सरकार सब्सिडी दे रही है। पूरी दुनिया में खाद के दाम बढ़े, मगर भारत में नहीं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि किसानों को एमएसपी के नाम पर विरोधी दल भड़का रहे हैं। अनुराग ठाकुर सोमवार को जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर आए हुए थे।
केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा कि स्वामीनाथन रिपोर्ट को लेकर भी हमारी सरकार ने कई कदम उठाए। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में कुछ नहीं किया। कांग्रेस सरकार के मुकाबले हमने किसानों से दोगुनी से ज्यादा खरीद की और दाम भी ज्यादा दिए।
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किसानों की ये है प्रमुख मांगें
- स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार सभी फसलों की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग
- किसानों और खेत मजदूरों की कर्जमाफी की मांग
- लखीमपुर खीरी में जान गंवाने वाले किसानों को इंसाफ और आशीष मिश्रा की जमानत रद्द कर सभी दोषियों को सजा की मांग
- लखीमपुर खीरी कांड में घायल सभी किसानों को वादे के मुताबिक 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग
- किसान आंदोलन के दौरान दर्ज केस रद्द करने की मांग
- पिछले आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को नौकरी
- 200 दिन मनरेगा की दिहाड़ी मिले
- 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग
- किसान और मजदूर को 60 साल होने पर 10 हजार रुपये महीना मिले
- फसल बीमा सरकार खुद करे
- विश्व व्यापार संगठन से खेती को बाहर किया जाए

