न्यूज़लिंक हिंदी, दिल्ली। आज सुबह 11 बजे दिल्ली में कूच करेंगे किसान। इसके लिए शंभू बॉर्डर पर हाईड्रोलिक क्रेन, जेसीबी व बुलेटप्रूफ पोकलेन जैसी भारी मशीनरी लाई गई है। बता दे कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने किसानों के कूच को रोकने के आदेश दिए हैं।
सभी अपने अधिकारों के बारे में जानते हैं, लेकिन….
हाईकोर्ट ने किसानों के प्रदर्शन के तरीके पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत राजमार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग नहीं किया जा सकता, लेकिन किसान इन पर अमृतसर से दिल्ली तक यात्रा कर रहे हैं। सभी अपने अधिकारों के बारे में जानते हैं, लेकिन सांविधानिक कर्तव्य भी हैं, उन्हें क्यों भूल जाते हैं।
बता दे कि हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, प्रदर्शनकारियों को बड़ी संख्या में क्यों इकट्ठा होने दिया जा रहा है। पंजाब सरकार सुनिश्चित करे कि लोग बड़ी संख्या में एकत्र न हों।
युवा आगे नहीं, सिर्फ नेता शांतिपूर्ण आगे जाएंगे
पंधेर ने कहा कि हम आगे बढ़ेंगे और पूरी दुनिया हमें शांति से आगे बढ़ते हुए देखेगी। अगर सरकार को लगता है कि किसानों को मारने से उनकी समस्या हल हो जाएगी तो वह ऐसा कर सकती है। लेकिन हम शांतिपूर्वक आगे बढ़ना जारी रखेंगे। पंधेर ने कहा कि हमने तय किया है कि कोई भी किसान, युवा आगे नहीं जाएगा। सिर्फ नेता शांतिपूर्ण आगे जाएंगे। हम सरकार से आज भी मांग करेंगे कि दिल्ली से बड़ा फैसला करें। आप कहें कि MSP पर गारंटी कानून बनाएंगे, ये आंदोलन अभी खत्म हो सकता है।
प्रदर्शनकारियों के दिल्ली कूच में हरियाणा सरकार की अवरोधक कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की। वहीं कोर्ट ने अगली सुनवाई पर केंद्र को किसानों से वार्ता के परिणाम व वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। याचिका में बताया है कि हरियाणा सरकार ने सीमा सील करने के साथ कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी हैं।
हमें शांतिपूर्वक समाधान निकालना चाहिए
केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसान संगठनों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा- हम सभी शांति चाहते हैं और हमें मिलकर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा, हमने कई प्रस्तावों पर चर्चा की। हमें पता है कि किसान प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन यह चर्चा जारी रहनी चाहिए, हमें शांतिपूर्वक समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने कहा, हम अच्छा करना चाहते हैं। इसके लिए कई राय दी जा सकती हैं। हम हमेशा अच्छी राय का स्वागत करते हैं। लेकिन, वह राय कैसे उपयोगी होगी, इसका हल खोजने के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।
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