न्यूज़लिंक हिंदी। अब हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभाओं के मुख्य चुनाव होने वाले हैं। बीजेपी अभी महाराष्ट्र में गठबंधन की सरकार में है। वही, हरियाणा में अकेले ही राज कर रही है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनी हुई है। पार्टी ने इन राज्यों के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। पार्टी की चुनाव की तैयारियों पर एक शुरुआती बैठक भी हो चुकी है। हमारे सहयोगी के अनुसार, बीजेपी इस महीने के आखिर में तीनों राज्यों के लिए विधानसभा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने की योजना बना रही है।
महाराष्ट्र के लिए लगभग 30-35, हरियाणा के लिए करीब 20 और झारखंड के लिए 25 उम्मीदवारों की घोषणा करने पर काम चल रहा है। पहली सूची में वे सीटें शामिल होंगी, जो भाजपा पिछले चुनाव में हारी थीं या कम अंतर से जीती थीं। इसमें एससी और एसटी समुदायों के लिए आरक्षित कुछ निर्वाचन क्षेत्र भी मुख्य रूप से शामिल हो सकते हैं।
लोकसभा चुनावों के दौरान, एससी वोटों का एक बड़ा हिस्सा इंडिया गठबंधन की ओर चला गया था। समय से पहले टिकटों की घोषणा करके, पार्टी उम्मीदवारों को एससी समुदाय से पार्टी के सामने आने वाले विरोध से निपटने के लिए पर्याप्त समय देना चाहती है।
पार्टी को हरियाणा और झारखंड में टिकटों का ऐलान करने में कोई भी दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वह वहां ज्यादातर सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन महाराष्ट्र में उसे अपने सहयोगी दलों शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को मुख्य विश्वास में लेना होगा।
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति 15 अगस्त के बाद बैठक करेगी। इसमें उम्मीदवारों की पहली सूची पूर्ण रूप से तैयार की जाएगी। पिछले साल मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने जिन सीटों पर हार का सामना किया था, भाजपा ने उम्मीदवारों की जल्दी घोषणा की इस रणनीति को ही अपनाया था।

