भारत में किन मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी जा रहे हैं हड़ताल पर, बैंकों के लिए 5-डे वर्किंग वीक को लेकर बहुत ही लंबे समय से बहस चल रही है।
और वर्तमान में बैंक सप्ताह में छह दिन काम करते हैं और दूसरे और चौथे शनिवार को बंद भी रहते हैं। और इस बीच बैंक कर्मचारियों की ओर से बैंकों के लिए 5-डे वर्किंग वीक अपनाने की लंबे समय से मांग की जा रही है।
इतना ही नहीं इस मामले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने भारतीय बैंक संघ के साथ बात विफल होने के बाद 24 और 25 मार्च को देशव्यापी बैंक हड़ताल का भी आह्वान किया है।
और मिली जानकारी के अनुसार आईबीए यूनियन के उठाई गई प्रमुख मांगों को पूरा करने में विफल रहा, जिसके कारण यूएफबीयू ने हड़ताल को आगे बढ़ाया, जिसकी पहले ही चेतावनी भी दी जा चुकी थी।
और इसके साथ ही नौ बैंक यूनियनों के गठबंधन ने कई ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला जो IBA के साथ कई दौर की चर्चाओं के बावजूद अनसुलझे हुए हैं।
और उन्होंने जो प्रमुख मांग रखी थी, वह बैंकिंग क्षेत्र के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और कार्यभार को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिएतत्काल भर्ती ही है।
और IBA और बैंक यूनियनों ने दिसंबर 2023 में बैंकों द्वारा 5-दिवसीय कार्य सप्ताह अपनाने के प्रस्ताव पर सहमति भी व्यक्त की।
और मार्च 2024 में, IBA और बैंक यूनियनों ने 9वें संयुक्त नोट पर हस्ताक्षर भी किए, जिसमें 5-दिवसीय कार्य सप्ताह पर स्विच करने की योजनाओं पर प्रकाश भी डाला गया। और इसके अलावा इस योजना में शनिवार और रविवार को छुट्टी भी शामिल थी।
और इसके साथ ही बैंकिंग कर्मचारियों का मानना है कि 5-दिवसीय कार्य सप्ताह उन पर से दबाव हटा देगा और उन्हें परिवार और दोस्तों के लिए अतिरिक्त समय भी देगा। और इसके अलावा यह प्रोडक्टिविटी को और भी बढ़ा सकता है।
और अगर वर्तमान में भारत में, अधिकांश वित्तीय संस्थान और सरकारें 5-दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन भी करती हैं।
और इसके अलावा केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, भारतीय रिजर्व बैंक , जीवन बीमा निगम , अदालतों, स्टॉक एक्सचेंजों, अधिकांश MNCs और निजी कंपनियों के कर्मचारी 5-दिवसीय कार्य सप्ताह का पूर्ण पालन भी करते हैं।