जानिए 40 प्लस के बाद हार्ट अटैक से कैसे बचे, क्या करें और क्या नहीं, लगातार चौंकाने वाली साइलेंट अटैक की घटनाएं सामने आ रही हैं।
और यहां तक बच्चे और युवा भी हार्ट फेल के शिकार हो रहे हैं। और इस दौरान लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिलता। और ऐसे मामलों ने लोगों में अंदर ही अंदर दहशत फैलाकर रख दी है।
और बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों को लेकर विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार गाइडलाइन भी जारी कर रहे हैं। इसके साथ ही इंदौर में हार्ट अटैक के मामले को लेकर लोगों में जागरूकता लाने के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया।
और इसमें शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टरों ने अहम जानकारियां लोगों को दी। और सेमिनार में लोगों को हार्ट की देखभाल करने के तरीके बताए गए। इसके साथ ही श्री परशुराम सेना ने ये एक दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया।
और इसमें हृदयाघात से लेकर तमाम बीमारियों को पहचानने के लक्षण भी बताए गए।ये भी बता दें कि 40 की उम्र के बाद दिल की सेहत के प्रति सजग हो जाना चाहिए। हमें अपने खानपान से लेकर दिनचर्या पर फोकस भी करना चाहिए।
क्योंकि हृदयाघात भस्मासुर की तरह बीमारी हो गई है। और चंद मिनट में व्यक्ति की मौत हो जाती है। और इसलिए 40 के बाद लोगों को अपना बीपी, शुगर और टीएमटी टेस्ट समय-समय पर कराना चाहिए।
जानिए लक्षण
छाती पर दबाव या कुचलने जैसा अहसास
ठंडा पसीना आना
जी मिचलाना
बायें हाथ में दर्द
बेहोशी या सिर चकराना
सांस लेने में कठिनाई होना
साथ ही इसके बचाव की लिए धूम्रपान पूरी तरह से बंद कर दें। क्योंकि तम्बाकू रक्त को गाढ़ा कर देते हैं, जिससे धमनियों में थक्का जम जाता है।
ब्लड प्रेशर की जांच करवाते रहें। और हार्ट तक जाने वाली धमनियां हाई ब्लड प्रेशर के कारण नष्ट हो जाती हैं। साथ ही कोलेस्ट्रॉल है तो इसे कंट्रोल करने के लिए तुरंत सक्रिय हो जाएं। और तेलीय पदार्थों से दूरी बना लें।
और मोटापा भी एक बड़ा कारण है। मोटापे के कारण कोलेस्ट्राल बढ़ जाता है। डायबिटीज है तो ज्यादा सावधान रहने की जरूरत हैं।
स्वस्थ एवं संतुलित आहार लें, जिसमें फल, सब्जियां और स्वस्थ वसा को भी शामिल हों। और नियमित व्यायाम करें और शारीरिक गतिविधि को जीवन का हिस्सा बनाएं।