सोशल मीडिया पर महाकुंभ के मेले में साधु मांस-मदिरा का कर रहे हैं सेवन, यह वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ साधु शराब और मांस का सेवन करते दिख रहे हैं।
इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि वीडियो कुंभ के साधुओं का ही है। लेकिन सजग की पड़ताल में ये दावा बिल्कुल झूठा निकला। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पिछले साल का है।
इसके अलावा यागराज में महाकुंभ मेले का आगाज हो गया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक होटल के कमरे का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें 7-8 साधु बैठकर शराब और मांस का सेवन कर रहे हैं।
यूजर्स वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि ये वीडियो कुंभ के साधुओं का है। आइए जानते हैं क्या है वायरल दावे की सच्चाई के बारे में।
और जब टीम ने वायरल वीडियो की पड़ताल करने की कोशिश की तो पता चला कि ये वीडियो पिछले साल से कई बार शेयर भी हो चुका है।
सबसे पहले टीम ने वायरल वीडियो के कीफ्रेम निकालकर उसे रिवर्स इमेज किया तो yogi kumar lalit नाम की एक इंस्टाग्राम प्रोफाइल मिली। जो एक अघोरी साधु हैं।
इसके अतिरिक्त ओरिजनल वीडियो मिलने के बाद ये साफ हो गया कि वायरल वीडियो महाकुंभ का नहीं है क्योंकि ये वीडियो पिछले साल अपलोड किया गया था। जबकि महाकुंभ की शुरुआत दो दिन पहले हुई है।
उसके बाद टीम ने अघोरी बाबा yogi kumar lalit से संपर्क किया। जिसके बाद उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो पुराना है उसका कुंभ मेले से कोई संबंध नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि अभी हम कुंभ में हैं और हमने काला नहीं भगवा वस्त्र ही धारण किया है।
और उसके बाद टीम ने उनसे पूछा कि वायरल वीडियो कहां की है? तब इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल के तारापीठ का है। उन्होंने आगे बताया कि वहां पर कौशिकी अमावस्या पर विशेष पूजा होती है।
और मां तारा को मांस- मछली और शराब का भोग चढ़ाया जाता है। जिसमें बताया गया था कि तारापीठमंदिर में प्रसाद के तौर पर शराब भी चढ़ाया जाता है और तांत्रिकों द्वारा पीया भी जाता है। यहां पर रोज जानवरों की बलि भी दी जाती है।