- कोकिलावन धाम के महंत प्रेमदास महाराज ने जताया जान का खतरा
- दुकानों के ठेका उठाए जाने के बाद अफवाहों से परेशान मंदिर समिति
- ठेका में असफल रहे लोग दबाब बनाने को फैला रहे भ्रामक जानकारी
- 25 दुकानों की नीलामी के बाद 6- सात करोड आय होने की संभावना
न्यूजलिंकहिंदी मथुरा,कोसीकलां। कोकिलावन धाम के महंत प्रेमदास महाराज ने शुक्रवार को अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई है। यह अंदेशा कोकिलावन धाम में 25 दुकानों की एक वर्षीय नीलामी के बाद और गहरा हुआ है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर अज्ञात उपद्रवियों द्वारा अफवाहों के जरिए उन्हें डराए जाने की बात कही है। कहा कि वे मामले को लेकर पुलिस प्रशासन से भी मुलाकात करेंगे। ताकि धाम एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कोकिलावन धाम के महंत प्रेमदास महाराज शुक्रवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि विगत दिवस कोकिलावन धाम मंदिर समिति द्वारा एक निर्धारित नीलामी प्रक्रिया के तहत 25 दुकानों की एक वर्ष के लिए बोली आयोजित की थी।
फिलहाल सभी दुकानों की बोली खुलेरूप से सम्पन्न हुई है। जिससे करीब छह से सात करोड रूपए की मंदिर की आय होने की संभावना है। बताया कि अगर कुछ बोलीदाताओं ने पैसा जमा नहीं किया तो उन दुकानों की दोबारा नीलामी की जाएगी। तेल, पार्किंग एवं कबाड के ठेका दिए जाने की बात से इंकार करते हुए कहा कि यह व्यवस्थाएं मंदिर प्रशासन की ही रहती है। जिसे मंदिर प्रशासन ही संभालेगा। इसका ठेका किए जाने की कोई योजना नहीं है।
महंत ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि कुछ लोग जो बोली में सफल नहीं हुए वे लोग तरह से तरह से अर्नगल आरोप लगाते हुए दबाव बनाने का प्रयास कर रहे थे। जो अभी भी तमाम अफवाहें उडाकर मंदिर प्रशासन एवं महंत की गददी की ख्याति पर धब्बा लगाने का प्रयास कर रहे हैं। ये अज्ञात लोग मंदिर समिति एवं मेरे खिलाफ गिरोह बंदी करते हुए षडयंत्र रच रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अफवाहों को देखते हुए उन्हें अपनी जान का भी खतरा प्रतीत होता है। उन्होंने मंदिर बताया 50 करोड की धनराशि ठेके से एकत्रित किए जाने जैसी अफवाहें फैलाकर मंदिर सुरक्षा को खतरे में डालने का कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं। जो कि बेहद घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि उन अफवाहों को देखते हुए उन्हें अपनी एवं समिति सदस्यों पर जान का खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर वे जल्द पुलिस प्रशासन से मिलकर अपनी समस्या रखेंगे।
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25 दुकानें का उठाया गया है ठेका
कोकिलावन मंदिर समिति के पास करीब 25 दुकानें हैं। जिन्हें हर वर्ष खुली बोली के तहत एक वर्ष के लिए ठेका उठाया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत अगर सबकुछ सही रहा तो करीब सात करोड की मंदिर प्रशासन की आमदनी होगी। इसको लेकर काफी बडी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे।
गौशाला, मंदिर प्रबंधन और सामाजिक कार्यों में खर्च होती है राशि
कोकिलावन धाम के महंत प्रेमदास महाराज ने बताया कि दुकानों के ठेके से मिलने वाली राशि से गौशाला संचालन किया जाता है। इसके अलावा आसपास के दो ग्राम पंचायतों के मंदिरों का जिम्मा भी संभालता है। परिक्रमा मार्ग से लेकर सामान्य मार्गों पर भी मरम्मत एवं निर्माण कार्य कराए जाते हैं। जबकि धाम में नव निर्माण एवं मरम्मत भी इसी राशि से किए जाते हैं। जबकि अन्य कार्य भी इसी राशि से किए जाते हैं।

