विमान बनाने वाली कंपनी एयरबस ने अपने हज़ारों ए320 विमानों के लिए सॉफ़्टवेयर अपडेट की अब मुख्य घोषणा की है।
दरअसल एयरबस ने फ़्लाइट कंट्रोल कम्प्यूटर पर सोलर रेडिएशन के संभावित असर को रोकने के लिए ऐसा मुख्य प्रयास किया है।
और फिर इससे दुनिया भर में एयरबस के हज़ारों ए320 विमानों का ऑपरेशन प्रभावित भी हुआ है।
और ऐसा माना जा रहा है कि ज़्यादातर विमान सॉफ़्टवेयर अपडेट के बाद फ़िर से उड़ान भी भरने लगेंगे।
साथ ही इस अपडेट के कारण दुनिया भर में कई उड़ाने रद्द की गई हैं, कई विमान देरी से उड़ान भर रहे हैं।
और फिर रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ जापान की ऑल निप्पॉन एयरवेज़ ने शनिवार को 65 फ्लाइट्स कैंसिल भी की हैं।
इसके साथ ही क़्वांटास एयरवेज़ के पूर्व कैप्टन डॉ. इयान गेटली, जिनके पास एविएशन में कॉस्मिक और सोलर रेडिएशन पर पीएचडी है।
और ये भी कहते हैं कि उड़ानों पर कोरोनल मास इजेक्शन का असर भी पड़ सकता है। और फिर सीएमई वह स्थिति है, जब सूरज से प्लाज़्मा भी निकलता है।
इसके अलावा सीएमई के दौरान सूरज से निकले चार्ज़्ड कण पृथ्वी के वायुमंडल तक पहुंचते भी हैं।
और फिर ये कण ऊपरी वायुमंडल में और ज्यादा चार्ज़्ड कण भी पैदा करते हैं, जो विमान के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को प्रभावित भी कर सकते हैं।
इसके साथ ही गेटली बताते हैं कि सीएमई जितना ज़्यादा गंभीर होता है, उपग्रहों और 28 हज़ार फ़ीट से ऊपर उड़ रहे विमानों के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में दिक्कत आने की पूर्ण आशंका उतनी ही अधिक होती है।