मलेशिया में नौकरी की बात कह बैंकॉक में छोड़ा,दो दिन बाद दोस्तों की मदद से ऐसे पहुंचा भारत..

विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर शातिरों ने युवक से लाखों रूपये ठग लिए। ठगों ने मलेशिया में नौकरी की बात कह कर युवक को बैंकॉक में छोड़ दिया। बैंकॉक में परेशान युवक ने ठगों से बात करने का प्रयास किया तो उनमें मोबाइल फोन बंद मिले...

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न्यूज़लिंक हिंदी। विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर शातिरों ने युवक से लाखों रूपये ठग लिए। ठगों ने मलेशिया में नौकरी की बात कह कर युवक को बैंकॉक में छोड़ दिया। बैंकॉक में परेशान युवक ने ठगों से बात करने का प्रयास किया तो उनमें मोबाइल फोन बंद मिले। दो दिन तक दर-दर भटकने के बाद युवक दोस्तों की मदद से भारत वापस आया, इसके बाद युवक ने पुलिस से शिकायत की। पीड़ित को अपनी शिकायत दर्ज कराने में भी छह माह से अधिक का समय बीत गया। पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद बर्रा पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।

बिहार, गोपालगंज जिला के गौरा गांव निवासी अलीराज अंसारी (31) ने बताया कि गांव के ही रहने वाले समीर अली बहरीन देश में काम करने गए थे, कुछ समय बाद समीर वापस गांव लौट आए। अलीराज ने समीर से विदेश जाने की इच्छा जाहिर की तो समीर ने बहरीन में साथ काम करने वाले प्रयागराज निवासी अजय विश्वकर्मा से मुलाकात कराई। अलीराज अजय के साथ बर्रा विश्वबैंक कालोनी स्थित गुरुदेव टॉवर में बने अकबर इंटरनेशनल नाम के एक ऑफिस में गया, जहां अजय ने उसकी मुलाकात समद वारसी व अकरम से कराई।

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दोनों ने बताया कि वह मलेशिया में नौकरी लगवाने का वीजा दिलवा देंगे, जिसके एवज में अलीराज ने अजय के खाते में 65 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद वीजा के नाम कर 70 हजार रुपये नगद अकरम को दिए। अलीराज ने बताया कि 13 मार्च 2023 को उसके अलावा छह और लोगों को दिल्ली बुलाकर बैंकॉक तक का वीजा और टिकट दिया गया। मलेशिया जाने की बात पूछने पर बताया गया कि बैंकॉक पहुंचने पर वहां का एजेंट आगे पहुंचाएगा। 20 मार्च को अलीराज समेत सात लोग दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो जानकारी हुई कि छह लोगों की टिकटें रद्द हो गईं। सिर्फ अलीराज को ही बैंकॉक जाने को मिला। बैंकॉक पहुंचने पर कोई एजेंट नही आया।

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अलीराज ने बैंकॉक से अकबर इंटरनेशनल, अजय, व उसके साथियों को फोन मिलाया, लेकिन सभी के मोबाइल फोन बंद मिले। किसी तरह दोस्तों से फोन पर रुपये मंगवा कर अलीराज भारत पहुंचे। वापस आने पर वह अकबर इंटरनेशनल ऑफिस पहुंचे तो ताला लटकता पाया। अलीराज के मुताबिक, इसके बाद वह कमिश्नर कार्यालय पहुंचा, जहां से मामला क्राइम ब्रांच ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जिस पर वह बीते गुरुवार को दोबारा पुलिस कमिश्नर आरके स्वर्णकार से मिला। पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद बर्रा थाने में अजय विश्वकर्मा, समद वारसी व अकरम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। थाना प्रभारी सूर्यबली पांडेय ने बताया कि तीन के खिलाफ जालसाजी, अमानत में खयानत, साजिश रचना व धमकी की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई।

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