न्यूज़लिंक हिंदी, लखनऊ। उत्तरप्रदेश राजधानी लखनऊ में बीजेपी के पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा अपने बेटे का इलाज कराने पीजीआई अस्पताल पहुंचे जहां पर उनको ठीक समय पर इलाज न मिल पाने के कारण उनके बेटे की मौत हो गई। उनका कहना है कि वो बेटे के इलाज के लिए डॉक्टरों से गुहार लगाते रहे लेकिन डॉक्टरों ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया यही कारण है कि उनके बेटे की मौत हो गई।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए..
ब्रजेश पाठक ने सोमवार (30 अक्टूबर) को एक्स पर पोस्ट किया, “पीजीआई, लखनऊ में पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा जी के सुपुत्र के दु:खद निधन के संबंध में सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाए गए संबंधित चिकित्सक को संस्थान से कार्य मुक्त किया जा रहा है। भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो इस संबंध में निदेशक, पीजीआई को चेतावनी भी दी गई है.
पीजीआई, लखनऊ में पूर्व सांसद मा० भैरों प्रसाद मिश्र जी के सुपुत्र के दु:खद निधन के संबंध में @upgovt ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाए गए संबंधित चिकित्सक को संस्थान से कार्य मुक्त किया जा रहा है। भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो…
— Servant Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) October 30, 2023
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को घेरा..
इस मामले को लेकर पूर्व सीएम और सपा चीफ अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को निशाना बनाते हुए एक ट्वीट पोस्ट किया जिसमे उन्होंने लिखा- बात किसी विशेष व्यक्ति को इलाज न मिल पाने की वजह से दम तोड़ देने की नहीं है, हर एक सामान्य नागरिक के जीवन के मूल्य की भी है। जब उप्र में सत्ताधारी भाजपा के पूर्व सांसद के पुत्र तक को इलाज नहीं मिल पा रहा है तो आम जनता के बारे में क्या कहना। आशा है दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार से लौटने के बाद उप्र के भाजपाई मंत्रीगण इसका संज्ञान लेंगे क्योंकि अभी तो उनके लिए चुनाव किसी के जीवन से अधिक महत्वपूर्ण है।

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