महाकुंभ में सुर्खियां बटोर रहे मुंबई आईआईटी के पढ़े अभय सिंह को जूना अखाड़े ने शिविर में आने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि ने कहा- अभय सिंह का कृत्य गुरु-शिष्य परंपरा और संन्यास के खिलाफ है। जिसने अपने गुरु को अपशब्द कहे हैं वह शिक्षित पागल हो सकता है।
श्रीमहंत नारायण गिरि ने कहा कि अभय सिंह साधु नहीं बने थे। वह लखनऊ से ऐसे ही यहां आ गए और स्वयंभू साधु बनकर घूम रहे थे। अभय सिंह महंत सोमेश्वर गुरु के साथ प्रयागराज में महाकुंभ में आए थे। गिरि ने कहा, वह एक पढ़ा-लिखा पागल है। उसने सोशल मीडिया पर अपने गुरु महंत सोमेश्वर पुरी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसलिए उसे अखाड़े की छावनी और उसके आसपास आने पर रोक लगा दी गई है।
अभय सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा- जब अखाड़े के सदस्यों ने उसे वहां रहने से मना कर दिया तो उसने अखाड़ा छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि वह अखाड़े में चार-पांच दिन रुककर इसका कामकाज देखने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि मिलने के बाद सब कुछ गलत हो गया।

