न्यूज़लिंक हिंदी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजभवन में मुलाकात की। एक अधिकारी ने बताया कि ये मुलाकात प्रोटोकॉल के मुताबिक हुई। वहीं इस मुलाकात के बाद ममता ने भी कहा कि यह बैठक राजनीतिक बातों पर चर्चा के लिए नहीं थी, बल्कि महज प्रोटोकॉल और शिष्टाचार भेंट थी।
कांग्रेस के साथ उनकी बन नहीं रही
पश्चिमी मेदिनीपुर के खड़गपुर में दिलीप घोष ने कहा, “ममता बनर्जी आज मुश्किल में हैं इसलिए हर जगह दौड़ रही हैं। कांग्रेस के साथ उनकी बन नहीं रही, अपना अस्तित्व, पार्टी और नेताओं को बचाने के लिए बहुत कुछ कर रही हैं। पिछली बार प्रधानमंत्री आए थे तब उन्होंने कोई बात नहीं की थी। आज क्या मजबूरी है? शाहजहां शेख जैसे नेता धीरे-धीरे ED के कब्जे में आ रहे हैं और पार्टी टूट रही है। इसलिए प्रधानमंत्री से कोई गुहार लगाने के लिए गई होंगी।”
सूत्रों के अनुसार संदेशखाली को लेकर चर्चा चल रही है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ ममता बनर्जी की मुलाकात में राज्य के बकाया का मुद्दा भी उठ सकता है। इससे पहले राज्य सरकार ने सोमवार को लगभग 30 लाख मनरेगा श्रमिकों को 2,700 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान शुरू किया, जो मार्च 2022 से लंबित था. केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल के मनरेगा बकाया को रोकना अतीत में राज्य के राजनीतिक टकराव का केंद्र बिंदु रहा है।
ये भी पढ़ें : धनबाद की जनसभा में बोले पीएम मोदी, – ‘विकसित भारत’ के लिए ‘विकसित झारखंड’

