न्यूजलिंक नेशनल डेस्क। मणिपुर में तनावपूर्ण हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को एक बार फिर से राज्य में पैनिक हालात बन गए। पिछले पांच महीनों से जल रहे मणिपुर में एक बार फिर से हिंसा भड़क उठी है। इंफाल घाटी में अज्ञात हमलावरों द्वारा दो छात्रों की हत्या के विरोध में मंगलवार को इंफाल में सैकड़ों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी सुरक्षा बलों के साथ झड़प भी हुई। जिसमें लड़कियों तीन दर्जन छात्र घायल हो गए। बिगड़ते हालात को देखते हुए मणिपुर सरकार ने अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाओं पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया।
Mobile internet data services, internet/data services through VPN suspended in the territorial jurisdiction of Manipur for five days with immediate effect till 7:45 PM of 1st October 2023. pic.twitter.com/xZEuZUmmuJ
— ANI (@ANI) September 26, 2023
एक अक्टूबर तक इंटरनेट सेवा बाधित
मणिपुर सरकार ने राज्य के अधिकार क्षेत्र में वीपीएन के माध्यम से मोबाइल इंटरनेट डेटा सेवाएं, इंटरनेट और डेटा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से एक अक्टूबर, 2023 की शाम 7:45 बजे तक निलंबित करने का निर्णय लिया है।
सीएम आवास की ओर बढ़ रहे थे छात्र
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस ने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों की सुरक्षा बलों के साथ झड़प तब हुई, जब छात्रों को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के बंगले की ओर मार्च करने से रोका गया। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारी छात्रों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। घायल छात्रों को इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मणिपुर में जातीय हिंसा चरम पर पहुंचने पर छह जुलाई को 17 वर्षीय छात्रा हिजाम लिनथोइंगंबी और 20 वर्षीय फिजाम हेमजीत का अपहरण किया गया था। उनके परिवारों को संदेह है कि उन्हें सशस्त्र हमलावरों ने मार डाला है।

