न्यूज डेस्क: मणिपुर के हिंसाग्रस्त चुरचंदपुर में अज्ञात उपद्रवियों ने वन विभाग के भवन में आग लगा दी। जिसके बाद स्थिति गंभीर हो गई है। तनाव और हिंसा को देखते हुए क्षेत्र में शनिवार से रात्रि कालीन कर्फ्यू लगा दिया गया। अगले आदेश तक जिले में शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू रहेगा। इसके साथ ही पूरे जिले में धारा 144 लगा दी गई है।

यहां आरक्षित वन क्षेत्रों से कूकी ग्रामीणों को बेदखल करने के अभियान के खिलाफ स्थानीय आदिवासी पिछले कुछ महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन विरोध अब हिंसा का रूप लेता जा रहा है। शुक्रवार देर रात अज्ञात लोगों ने तुईबोंग इलाके के वन क्षेत्र अधिकारी के भवन में आग लगा दी। आग में लाखों की सार्वजनिक संपत्ति नष्ट हो गई और कई सरकारी दस्तावेज जल गए।
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह न्यू लमका में एक जनसभा को संबोधित करने वाले थे। लेकिन यहां झड़प शुरू हो गई। जिसके बाद सीएम का जनसभा स्थगित कर दी गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी स्थानीय आदिवासियों के अधिकारों को कुचल रही है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।
आभार: पीटीआई

