Mann Ki Baat : PM नरेंद्र मोदी ने आदिवासी योद्धाओं को किया याद, जानिए ‘मन की बात’ में क्या-क्या बोले मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि 'भारतवर्ष में आदिवासी योद्धाओं का समृद्ध इतिहास रहा है। देश अपने आदिवासी समाज का कृतज्ञ है,

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न्यूज़लिंक हिंदी। रविवार यानि आज मोदी ने अपने रेडियो प्रोग्राम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। मन की बात का आज 106वां एपिसोड प्रसारित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई। आकाशवाणी पर मन की बात का सीधा प्रसारण किया गया। पीएम मोदी ने अपने इस कार्यक्रम में राम मंदिर निर्माण और दिवाली को लेकर बात की। हाल ही में मंदिर ट्रस्ट ने पीएम मोदी को जनवरी में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा के लिए निमंत्रण भी दिया है, जिसे पीएम की तरफ से स्वीकार किया गया। पीएम ने रविवार को बड़ी बात कही, दीपावली से पहले पीएम ने कहा की देशवासी वही सामान खरीदें, जिसमें देशवासी का पसीना हो।

दिल्ली में होगा ‘अमृत वाटिका’ का निर्माण..
पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने पिछले दिनों देश के हर गांव से, हर घर से मिट्टी संग्रह करने का आग्रह किया था। हर घर से मिट्टी संग्रह करने के बाद उसे कलश में रखा गया और फिर अमृत कलश यात्राएं निकाली गईं। देश के कोने-कोने से एकत्रित की गई ये माटी, ये हजारों अमृत कलश यात्राएं अब दिल्ली पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि यहां दिल्ली में उस मिट्टी को एक विशाल भारत कलश में डाला जाएगा और इसी पवित्र मिट्टी से दिल्ली में ‘अमृत वाटिका’ का निर्माण होगा।

31 अक्टूबर को रखी जाएगी ‘मेरा युवा भारत’ संगठन की नींव..
मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि 31 अक्टूबर को एक बहुत बड़े राष्ट्रव्यापी संगठन की नींव रखी जा रही है। इसकी नींव सरदार पटेल की जन्म जयंती के मौके पर रखी जा रही है। इस संगठन का नाम- मेरा युवा भारत यानी MyBharat है। संगठन भारत के युवाओं को राष्ट्रनिर्माण के विभिन्न आयोजनों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देगा।

पीएम मोदी ने सरदार पटेल को किया याद..
पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 31 अक्टूबर का दिन हम सभी के लिए बहुत विशेष होता है। इस दिन हमारे लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म-जयंती है। उन्होंने कहा कि हम भारतवासी, उन्हें कई वजहों से याद करते हैं. उन्हें इसलिए भी नमन किया जाता है, क्योंकि उन्होंने देश की 580 से ज्यादा रियासतों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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देशभर में निकाली गईं अमृत कलश यात्राएं..
प्रधानमंत्री ने कहा ‘मैंने पिछले दिनों देश के हर गांव से, हर घर से मिट्टी संग्रह करने का आग्रह किया गया था। हर घर से मिट्टी संग्रह करने के बाद उसे कलश में रखा गया और फिर अमृत कलश यात्राएं निकाली गईं। देश के कोने-कोने से एकत्रित की गयी ये माटी, ये हजारों अमृत कलश यात्राएं अब दिल्ली पहुंच रही हैं। यहां दिल्ली में उस मिट्टी को एक विशाल भारत कलश में डाला और इस पवित्र मिट्टी से दिल्ली में ‘अमृत वाटिका’ का निर्माण होगा।

आदिवासी योद्धाओं को किया याद..
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘भारतवर्ष में आदिवासी योद्धाओं का समृद्ध इतिहास रहा है। देश अपने आदिवासी समाज का कृतज्ञ है, जिन्होंने राष्ट्र के स्वाभिमान और उत्थान को हमेशा सर्वोपरि रखा है। इनमें तिलका मांझी ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठायी। सिद्धो कान्हू ने समानता की आवाज उठाई। टंट्या भील पर हमें गर्व है और शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धा से याद करते हैं। वीर रामजी गोंड हों, वीर गुंडाधुर या भीमा नायक, उनके साहस से हम आज भी प्रेरित होते हैं। अल्लूरी सीताराम राजू ने आदिवासियों में जो अलख जगाई, उसे देश आज भी याद करता है। उत्तर पूर्व में कियांग नोबांग और रानी गाइदिन्ल्यू जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के साथ ही राजमोहिनी देवी और रानी कमलापति जैसी वीरांगनाएं भी हैं।’

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15 नवंबर को पूरा देश जनजातीय गौरव दिवस मनाएगा..
 यह विशेष दिन भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती से जुड़ा है। भगवान बिरसा मुंडा हम सब के ह्रदय में बसे हैं। सच्चा साहस क्या है और अपनी संकल्प शक्ति पर अडिग रहना किसे कहते हैं, ये हम उनके जीवन से सीख सकते हैं। भगवान बिरसा मुंडा ने कभी विदेशी शासन को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने ऐसे समाज के बारे में सोचा, जहां कोई अन्याय ना हो। भगवान बिरसा मुंडा ने प्रकृति के साथ सद्भाव से रहने पर भी जोर दिया। आज भी आदिवासी वर्ग के लोग प्रकृति की देखभाल और उसके संरक्षण के लिए समर्पित हैं। हम सब के लिए आदिवासी भाई-बहनों का काम बहुत प्रेरणादायी है।

 

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