न्यूज़लिंक हिंदी। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरानी राष्ट्रपति की मौत ऐसे समय में हुई है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। ऐसे में पहली शक की उंगली इजरायल की तरफ उठ रही है लेकिन तेहरान इस मामले में बेहद सावधानी से काम कर रहा है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के चलते अटकलें लगातार सोशल मीडिया पर हावी हैं। इसके साथ ही ईरान में स्वतंत्र प्रेस की कमी के चलते भी हादसे के बारे में सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे इसका रहस्य बना हुआ है। रईसी की मौत पर एफजे के नाम से मशहूर रक्षा एक्सपर्ट एक पाकिस्तानी पोर्टल पर विस्तार से बात की है।
मिडस्टोन सेंटर में डीजी ऑपरेशन एफजे ने रईसी के हेलीकॉप्टर हादसे के पीछे इजरायल के हाथ होने पर भी जवाब दिया। मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के कुछ ही देर बाद रविवार को ही एफजे ने रईसी की मौत के बारे में बता दिया था। हालांकि, इसकी घोषणा अगले दिन सोमवार को की गई थी, जब बचाव दल को हेलीकॉप्टर का मलबा मिला।
एफजे ने पाकिस्तान डेली से कहा कि उन्हें नहीं लगता कि किसी भी तरह से इजरायली इसमें शामिल हैं। इजरायली जानते हैं कि ईरान में असली ताकत खामेनेई के हाथ में है, रईसी को निशाना बनाने का कोई फायदा नहीं है। इजरायलियों को यह भी पता है कि इंटरनेट पर कॉन्सपिरेसी थ्योरी वाले उसे जिम्मेदार ठहराएंगे।
यही वजह है कि इजरायली अधिकारी जल्दी ही मीडिया के सामने आए और खुद को इस घटना से दूर कर लिया। एक्सपर्ट ने कहा कि यह ईरान के लिए दोराहे पर फंसने जैसा है। ईरान इस हादसे के लिए इजरायल को दोषी ठहराना चाहेगा लेकिन सीधे तौर पर इजरायल का नाम लेने का मतलब होगा कि उसके समर्थक जवाबी कार्रवाई की उम्मीद करेंगे।
तेहरान ऐसी स्थिति से बचना चाहेगा। इजरायल इसमें शामिल है, यह संकेत देना भी ईरान के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति पैदा करेगा। इसका मतलब आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार करना होगा कि इजरायल उसके क्षेत्र में घुसकर स्वतंत्र रूप से काम करने में सक्षम है। ईरानी प्रतिष्ठान के लिए यह बहुत बड़ा धक्का होगा। हां, वह इस हादसे के लिए अमेरिकी प्रतिबंधों को दोषी ठहरा सकते हैं।
यह वास्तव में सच भी है कि अमेरिकी प्रतिबंधों ने ईरान को नए विमान या उपकरण खरीदने से रोक दिया है, जो दुर्घटनाओं से जुड़े हैं। रईसी को ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था। ऐसे में अब उनके जाने के बाद नए उत्तराधिकारी की तलाश होगी। यहीं ईरान के लिए मुश्किल हो सकती है। इस पद के लिए कई दावेदारों के सामने आने की उम्मीद है, जिसमें अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई भी शामिल हैं।

