मार्गशीर्ष अमावस्या कब है: सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने के साथ करें दान-पुण्य

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क्या आप जानते हैं कार्तिक अमावस्या की तरह की मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व है। जिस महीने में मार्गशीर्ष अमावस्या पड़ती है उस महीने को बहुत पवित्र माना जाता है। Margashirsha Amavasya 2025 की तिथि भगवान विष्णु, चंद्र देव और पितरों को समर्पित है। अमावस्या तिथि पर पितरों के नाम से तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करने से उन्हें शांति मिलती है और व्यक्ति को पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

दान-पुण्य करने से सभी पापों का नाश
कहते हैं इस दिन पवित्र नदियों में गंगा, यमुना या अन्य किसी तीर्थ स्थल पर पवित्र स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है। स्नान के बाद दान-पुण्य करने से सभी पापों का नाश होता है। इस दिन अन्न, वस्त्र और तिल का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। मार्गशीर्ष महीने में भगवान श्रीकृष्ण का माह माना जाता है। भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। ऐसे में व्रत रखने के साथ सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ करना चाहिए इससे जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं।

मार्गशीर्ष अमावस्या 2025 शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष अमावस्या की शुरुआत 19 नवंबर को सुबह 09 बजकर 43 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 20 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 16 मिनट पर होगा। पंचांग गणना के आधार पर 20 नवंबर को मार्गशीर्ष अमावस्या मनाई जाएगी।

 

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