Mathura: फसल बचाने को जूझ रहे किसान, रात भर देते हैं पहरा

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फोटो परिचय- बल्देव क्षेत्र में फसल को नष्ट करते छुट्टा गोवंश।
  • लगातार शिकायत करने के बाद भी किसानों की नहीं हो रही सुनवाईः रामवीर सिंह

न्यूजलिंक हिंदी,मथुरा। विकास खंड बलदेव के छौली निवासी सतेंद्र सिंह ने बताया कि झुंड के झुंड छुट्टा गौ वंश फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। रात रात भर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है, फिर भी मौका मिलते ही खड़ी फसलों को नष्ट कर देते हैं। अमीरपुर के किसान प्रेम सिंह सिकरवार ने बताया कि उनकी सरसों की फसल को आवारा पशु बर्बाद कर चुके हैं, बतौर प्रेम सिंह सिकरवार सांड खूंखार हो गए हैं, हमला कर कई किसानों को घायल कर चुके हैं। दघेंटा निवासी ओमवीर मास्टर, कुंतभोज, रामप्रकाश पुजारी, गोठे हसनपुर के नाहर सिंह भगत ने बताया कि गोठा दघेंटा में छुट्टा गोवंश की गंभीर समस्या है।

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दघेंटा के किसान ओमवीर मास्टर ने बताया कि नजदीक की सरकंड खेरा की गौ शाला में छुट्टा गोवंश को नहीं लिया जाता है, 11 सौ रुपए देने पर ही गौशाला में लिया जाता है। हथकोली निवासी केदारी सिंह सिकरवार ने बताया कि निराश्रित गौ वंश किसानों के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। झंडीपुर बलरारी फरह के किसान अशोक सिंह, जीवन सिंह, राजवीर सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में छुट्टा गोवंश की समस्या से किसानों में रोष है।

राया के तिरवाया, खिरारी, नीमगांव, सरूआ जंगली आदि गांव में आवारा गौवंश खेती को बर्बाद कर रहे हैं। सरुआ के जयपाल, नीते, खिरारी के रवि मुहम्मद, भुल्ली सिंह, प्रताप सिंह प्रधान, नीमगांव के विजयपाल सिंह, भूरिया नगरा गोवर्धन क्षेत्र के सत्यवीर सिंह ने बताया कि उनके गांव में छुट्टा गोवंश से खेती किसानी करना कठिन हो गया है। भाकियू चढूनी के मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह तोमर का कहना है कि किसान आवारा पशुओं से फसलों को बर्बाद होने से बचाने के लिए परेशान हैं। भाकियू चढूनी ने बीडीओ से लेकर जिला अधिकारी तक को कई बार ज्ञापन के माध्यम से समस्या को उठाया है। डीएम के माध्यम से मुखमंत्री तक को ज्ञापन देकर छुट्टा गोवंश से स्थाई निराकरण की मांग की गई है।

अधिकारी आंकड़े बाजी में सरकार को गुमराह कर रहे हैं। खानापूर्ति की जा रही है। कई इलाकों में छुट्टा पशुओं की वजह से किसानों की पूरी फसल तक तबाह हो जाती है। अपनी फसल को इन आवारा पशुओं से बचाने के लिए किसान कड़ाके की ठंड में खेत पर रखवाली करने को मजबूर है।

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