मथुरा: धर्म नगरी में गहरा हो रहा मदिरा का दरिया, नवम्बर में बिक गई 100 करोड़ की शराब

0
113

न्यूजलिंक हिंदी,मथुरा। धर्म नगरी में धार्मिक पर्यटन को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि आंकड़े बता रहे हैं कि धर्म नगरी में आस्था के साथ मौज मस्ती को भी लोग आ रहे हैं। नवम्बर महीने में ही करीब 100 करोड़ की शराब बिक गई। शराब परोसने के लिए ऑकेजनल यानी अनियमित लाइसेंस लेने का चलन भी बढ़ रहा है। इसके लिए छह घंटे के 11 हजार रुपये चुकाने होते हैं।

ये भी पढ़े: UP News : बच्ची के गले में गुब्बारा फसने से हुई मौत, मां ने सिसकिया भरते हुए कहा मेरी बेटी लौटा दो

नवम्बर माह के लिए आबकारी विभाग को राजस्व प्राप्ति के लिए 79.31 करोड़ का लक्ष्य मिला था। जबकि विभाग इसके सापेक्ष नवम्बर महीने में 60.76 करोड़ का राजस्व प्राप्ति कर सका। इसके लिए आबकारी के ठेकों से लगभग 100 करोड़ की शराब की बिक्री हुई। प्रदेश में राजस्व प्राप्ति में नवम्बर महीने में मथुरा जनपद को 26 वां और मंडल में प्रथम स्थान हासिल हुआ है। यह लक्ष्य तब प्राप्त हुआ है जब मथुरा जनपद का 20 प्रतिशत क्षेत्र ड्राई एरिया घोषित है।

 

ये भी पढ़े: Kanpur: रिवर रैचिंग कार्यक्रम के तहत विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री ने गंगा में छोड़ी दो लाख पचास हजार मछलियां, संसद मामले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

पिछले साल नम्बर 2022 में 52 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई थी इस प्रकार वर्ष 2023 में इसी नवम्बर महीने की अवधि के लिए यह आठ करोड़ ज्यादा है। इस साल एक अप्रैल से अब तक ऑकेजनल लाइसेंस अब 268 बने हैं जो कि एक रिकॉर्ड है। इतने लाइसेंस पहले कभी नहीं बने। शादी पार्टी आदि आयोजनों में शराब परेशानी हो तो इस तरह के लाइसेंस लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। नवम्बर महीने में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी रोकने के क्रम में हुई कार्यवाही के तहत 53 मुकदमे दर्ज हुए हैं तथा 991 लीटर शराब पकडी है।

ये भी पढ़े: Kanpur: रिवर रैचिंग कार्यक्रम के तहत विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री ने गंगा में छोड़ी दो लाख पचास हजार मछलियां, संसद मामले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

चार लोगों को जेल भेजा गया है, इस महीने तस्करी में वाहन कोई नहीं पकडा गया है। बाहरी राज्यों से होने वाली तस्करी पर लगभग रोक लग गई है, आबकारी विभाग की मेहनत के चलते यह सफलता मिली है। इसकी वजह यह है कि राजस्थान में शराब की कीमत यूपी के लगभग ही हैं, जबकि हरियाणा से होने वाली तस्करी पर सख्ती से लगाम लगाई गई है।

वर्जन

नववर्ष का उत्सव मनाने के लिए लोग बड़े पैमाने पर मदिरा का उपयोग करते हैं। किसी भी क्लब होटल बारात घर रिसोर्ट में शराब परोसने के लिए ऑकेजनल बार लाइसेंस की व्यवस्था की गई है। यह लाइसेंस एक्साइज पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने के बाद हासिल किया जा सकता है। इसके लिए निर्धारित शुल्क 11 हजार रुपये प्रतिदिन है। यह संध्या छह बजे से रात के 12 बजे तक ही मान्य है।

-कुमार प्रभात चंद्र, जिला आबकारी अधिकारी मथुरा  

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here