न्यूज़ लिंक हिंदी ,मथुरा। मातृ वंदना योजना में उम्मीद के मुताबिक पंजीकरण नहीं हुए हैं। गुरुवार तक मात्र 488 पंजीकरण ही हुए थे। शुक्रवार को पंजीकरण कराने का अंतिम दिन है। योजना के तहत मिलने वाले पांच हजार रूपये अब तीन की जगह दो किस्तों में ही मिल जाएंगे। वहीं दूसरी शिशु बालिका होने पर एकमुश्त छह हजार रुपये देने का प्रावधान है। 30 नवंबर से दो दिवसीय लाभार्थी विशेष पंजीकरण अभियान को शुरू किया गया था अब यह अभियान लगातार आठ दिसंबर तक चलाया जाएगा।
सीएमओ ने संबंधित लाभार्थियों को विशेष अभियान में पंजीकरण कराने की अपील की है। सीएमओ डॉ अजय कुमार वर्मा ने बताया कि योजना में पहले दो किस्तों में लाभ दिया जाता था। योजना का स्वरूप बदलने से दूसरी शिशु बालिका होने पर एकमुश्त छह हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है। पात्र लाभार्थी आशा और एएनएम की मदद से पंजीकरण करवा सकते हैं । गर्भधारण से शिशु के जन्म से 570 दिन के अन्दर लाभ के लिए पंजीकरण किया जाएगा।
पहली किस्त पंजीकरण के बाद और दूसरी किस्त बच्चे का टीकाकरण होने के बाद खाते में भेजी जाती है। योजना की नई व्यवस्था के अन्तर्गत दूसरी शिशु बालिका होने पर एकमुश्त छह हजार रुपये दिये जाएंगे। इसके लिए शिशु के जन्म से 270 दिन के अन्दर लाभ के लिए पंजीकरण किया जाएगा। पीएमएमवीवाई की जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अनुराग गौतम ने बताया कि योजना के तहत सरकारी ही नहीं प्राइवेट अस्पताल में जन्मे बच्चे की मां पात्र हैं। अगर किसी मां को दूसरा शिशु बालक होगा तो योजना से संबंधित लाभ प्राप्त नहीं होगा।
सिर्फ इन्हें मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए मां का आधार कार्ड, एमसीपी कार्ड, प्रसवपूर्व जांच की तारीख के अलावा आठ लाख से कम आय की स्थिति में आय प्रमाण पत्र, बीपीएल राशन कार्ड, ई श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड और मनरेगा कार्ड में से कोई एक दस्तावेज होना आवश्यक है। महिला किसान की स्थिति में लाभार्थी को किसान सम्मान निधि का भी लाभार्थी होना जरूरी है। यदि लाभार्थी दिव्यांग है तो 40 फीसदी से अधिक की दिव्यांगता का प्रमाण पत्र देना भी जरूरी होगा।

