न्यूज़लिंक हिंदी। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने रविवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित पार्टी की मीटिंग में बड़ा निर्णय लिया है। मायावती ने बैठक में बड़ी घोषणा की है। मायावती ने एलान किया है कि बसपा में उनके उत्तराधिकारी आकाश आनंद होंगे। बैठक में मायावती ने पार्टी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों और राज्यों के प्रमुख पदाधिकारियों को बुलाया था।

बैठक में वरिष्ठ पदाधिकारियों और राज्यों के वरिष्ठ नेताओं के साथ हाल ही में चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों से उपजी चुनौतियों से निपटने की रणनीति भी तय की गई। वहीं, लोकसभा चुनाव के लिए मजबूत दावेदारी वाले उम्मीदवारों के नाम पर भी चर्चा की गई। बता दें विधानसभा चुनाव के नतीजों को विचित्र और रहस्यमयी बताते हुए बसपा सुप्रीमो ने देश भर के पदाधिकारियों को बैठक में बुलाया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता उदयवीर सिंह का कहना है कि बसपा प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद (मायावती के भतीजे) को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है।
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कौन है आकाश आनंद
मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने लंदन से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की पढ़ाई की है। साल 2017 में आकाश की राजनीति में एंट्री हुई थी। सहारनपुर रैली में पहली बार मायावती के साथ आकाश मंच पर दिखाई दिए थे। मायावती ने 2017 में एक बड़ी रैली कर आकाश आनंद को राजनीति में लाने का एलान किया था। आकाश को इससे पहले पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी मिली हुई थी। अब मायावती ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है।
2019 में बनाए गए बीएसपी के राष्ट्रीय समन्वयक
आकाश आनंद पार्टी की बैठकों, यात्राओं और रैलियों में सक्रिय रूप से देखे गए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते रहे हैं और युवा मतदाताओं को एकजुट करते रहे हैं। बीएसपी के भीतर बीते कुछ सालों में उनकी भरपूर मौजूदगी देखी गई है, जहां वह मायावती और पार्टी के अन्य वरिष्ठ सदस्यों के साथ देखे गए। आकाश को 2019 में बसपा का राष्ट्रीय समन्वयक बनाया गया था जब मायावती ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद पार्टी संगठन में फेरबदल किए थे।
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मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं आकाश
27 वर्षीय आकाश मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं, जिन्हें सुप्रीमो ने बड़े बदलाव में बसपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया था। आकाश आनंद की राजनीतिक शुरुआत तब हुई जब उन्हें दलित-ठाकुर संघर्ष के बाद सहारनपुर दौरे पर मायावती के साथ देखा गया था। आकाश और पिता आनंद को 2017 में मेरठ में एक रैली के दौरान मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं से मिलवाया था। आकाश को मायावती के ट्विटर लॉन्च का श्रेय दिया गया था और वह बसपा-सपा के बाद 2019 में लोकसभा चुनावों के दौरान नजर आए।
आकाश की सक्रियता से पार्टी के रणनीति में बदलाव
आकाश आनंद की बढ़ती प्रोफाइल और राजनीतिक सक्रियता ने बीएसपी की रणनीति में बदलाव ला दिया है। ऐतिहासिक रूप से, मायावती के नेतृत्व में बसपा ने सड़क पर विरोध प्रदर्शनों के बजाय संगठनात्मक मामलों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक प्रचार में आकाश की सक्रिय भागीदारी पार्टी के रुख में बदलाव का संकेत देती हैं।
आकाश आनंद ने लंदन से की एमबीए की पढ़ाई
आकाश पहली बार 2017 की शुरुआत में लंदन से लौटने के बाद लोगों की नजर में आए, जहां उन्होंने एमबीए की डिग्री हासिल की थी। वह सबसे पहली बार मायावती के जन्मदिन पर देखे गए, और बाद में पार्टी प्रमुख मायावती ने उनके बसपा के “आंदोलन” में शामिल होने का ऐलान किया था। एमबीए के लिए लंदन जाने से पहले आकाश ने दिल्ली के स्कूल में पढ़ाई की। वह मायावती के छोटे भाई की तीन संतानों में सबसे बड़े हैं। साथ ही बता दें कि आकाश आनंद की शादी पूर्व बीएसपी सांसद डॉक्टर अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ. प्रज्ञा सिद्धार्थ से हुई है।

