न्यूज़लिंक हिंदी कानपुर। महापौर प्रमिला पांडेय ने शहर की जलापूर्ति, मार्ग प्रकाश व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण को दुरुस्त करने के लिए केंद्र से 570 करोड़ रुपये मांगे हैं। सोमवार को दिल्ली में केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर उन्हें शहर की समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग कार्यों के लिए पैसे की डिमांड की है।
महापौर ने मंत्री को बताया कि जेएनयूआरएम के अन्तर्गत कानपुर के गंगा बैराज से पेयजल योजना के लिए जीआरपी पाइप बिछायी गई थी। जिसके सुदृढ़ीकरण के लिए पाइप रेट्रोफिटिंग कार्य योजना बनाई गई। जिसकी अनुमानित लागत 139.38 करोड़ है। अमृत योजना 2.0 के अन्तर्गत महापौर ने यह राशि मांगी है। इसी तरह दक्षिण एवं पूर्वी वार्डों की पेयजल समस्या के निस्तारण के लिए अमृत 2.0 के अन्तर्गत बनाए गए 347 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराने की भी मांग महापौर ने की।
मार्ग प्रकाश के लिए मांगे 70 करोड़..
बता दें, कि शहर में मार्गप्रकाश व्यवस्था खस्ताहाल है। इसको लेकर महापौर ने नगर निगम, कानपुर को लगभग 70 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराये जाने की मांग की। महापौर ने बताया कि इससे सीसीएमएस (सेन्ट्रल कन्ट्रोलिंग एंड मॉनिट्रिंग सिस्टम) लगाकर मार्ग प्रकाश बिन्दुओं को ऑटोमेटिक ऑन ऑफ किये जाने की योजना को पूरा किया जाएगा। इससे विद्युत भुगतान में बचत हो सकेगी।
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20 नये कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण..
महापौर ने कुड़ा निस्तारण के लिए 20 नये कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन बनाए जाने की जरूरत बताई। महापौर ने बताया कि इसके लिए 15 करोड़ धनराशि कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को आवंटित कराये जाने की मांग की है। महापौर ने बताया कि इसके साथ ही सुझाव दिया है कि 15 वें वित्त आयोग से एयर पॉल्यूशन के अंतर्गत आवंटित कराये जाने वाली धनराशि को एक पोर्टल के माध्यम से धन आवंटित किया जाये एवं पोर्टल पर मैप के माध्यम से हो रहे कार्यों जैसे सड़क, पार्क, कूड़ा निस्तारण इत्यादि को जीआईएस टैगिंग भी किया जाये। जिससे कि रियल टाइम मॉनीटरिंग की जा सके।

