न्यूज़लिंक हिंदी। मेरठ कोतवाली के गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में अदालत आज उन दोषियों को सजा सुनाएगी। हत्याकांड में अदालत ने इजलाल कुरैशी और शीबा समेत 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है।
सभी आरोपी जेल में हैं। कचहरी में बड़ी संख्या पुलिस और पीएसी तैनात रहेगी। किसी को भी चेकिंग के बिना अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। 23 मई 2008 की दोपहर बागपत और मेरठ जिले की सीमा पर बालैनी नदी के किनारे तीन युवकों के शव पड़े मिले। इनकी पहचान मेरठ निवासी सुनील ढाका निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्ज्वल निवासी गांव सिरसली, बागपत के रूप में हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों की हत्या कोतवाली के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर की। पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया।
शीबा को हत्या के लिए उकसाने का मुख्य मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में 16 साल बाद दो अगस्त को अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन-2 पवन कुमार शुक्ला ने इजलाल कुरैशी पुत्र इकबाल, अफजाल पुत्र इकबाल, महराज पुत्र मेहताब, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र उस्मान और बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श और शीबा सिरोही पर लगाए गए आरोपों को सही मानते हुए उनको दोषी भी करार दिया।
दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो चुकी है। एक आरोपी शम्मी जेल में है, उसका ट्रायल चल रहा है। परवेज की हाईकोर्ट में अपील पेंडिंग है। आज सभी दोषियों को अदालत सजा सुनाएगी। इजलाल और शीबा सिरोही के बीच दोस्ती थी। तीनों युवक इसका विरोध करते थे। कई बार इजलाल से मारपीट और कहासुनी भी हुई।
इसके बाद इजलाल ने सुनील ढाका, सुधीर उज्ज्वल और पुनीत गिरी से करीबियां बढ़ा लीं। पुलिस के आरोप पत्र के मुताबिक 22 मई 2008 की रात तीनों को बात करने के बहाने गुदड़ी बाजार में बुलाया। तीनों एस्टीम कार से गुदड़ी पहुंचे। सुधीर का वहां पर इजलाल से मुख्य विवाद हो गया। इसके बाद इजलाल ने उसको गोलियां मारकर कत्ल कर दिया।
अपने भाइयों और साथियों के साथ सुनील और पुनीत को घर के बाहर चबूतरे पर पकड़ लिया। बुरी तरह से लोहे के पाइप से पीटा गया। गला काट दिया गया। आंखें फोड़ दी गईं। तीनों लाशों को कार की डिग्गी में ठूंसकर बागपत जिले में बालैनी थाना क्षेत्र में हिंडन नदी किनारे गाड़ी को भी छोड़ दिया। जिन धाराओं में आरोपियों को दोषी माना गया है कि उनमें उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा का मुख्य प्रावधान है।

