न्यूज़लिंक हिंदी। आज जहां मेरठ और सहारनपुर की चार बेटियां देश के लिए पदक जीतने के लिए बहुत ही बेताब हैं। इसी दिन स्पोर्ट्स सिटी के नाम से प्रसिद्ध मेरठ के खजूरी गांव में एक नवजात बच्ची को कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया।
लेकिन बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है। एक तरफ जहां बेटियां हर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पटल पर परचम लहरा रही हैं, वहीं, दूसरी ओर समाज का यह घिनौना चेहरा मानवता को शर्मसार कर रहा है।
परीक्षितगढ़ क्षेत्र के खजूरी गांव में शुक्रवार रात नौ बजे नवजात बच्ची को कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया। पास में ही एक मकान में रहने वाली साजिदा को जब बच्ची के रोने की आवाज आई तो वह मौके पर जल्द ही पहुंची।
बच्ची के पास कुत्ते भौंक रहे थे। गलीमत रही कि साजिदा समय रहते पहुंच गई और उसने कुत्तों को भगाकर बच्ची को गोद में उठा लिया। बच्ची के राेने की आवाज सुनकर कुछ ही देर में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए।
बच्ची को जिसने भी देखा वही उसकी मां और पिता को कोसने लगा। हालांकि किन हालातों में बच्ची को कूड़े के ढेर में फेंका गया। इसकी किसी को जानकारी नहीं थी। ग्राम प्रधान ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को भी जानकारी दी।
थाना पुलिस ने बच्ची को परीक्षितगढ़ सीएचसी में भर्ती भी कराया गया। वहां से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे मेरठ भेज दिया। महिला साजिदा भी बच्ची के साथ ही है। सीएचसी प्रभारी डॉ. रवि शंकर ने बताया कि नवजात बच्ची स्वस्थ है। बच्ची का वजन भी ढाई किलो है। उसके शरीर पर छोटी-मोटी चोट आई है।
पुलिस ने बताया कि जब बच्ची के कूड़े के ढेर में मिलने की जानकारी होते ही। कई ऐसे लोग भी मौके पर पहुंचे जो बच्ची को संयुक्त रूप से गोद लेना चाहते थे। लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना बच्ची को किसी के भी सुपुर्द नहीं किया जा सकता था। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया है।

