न्यूज़लिंक हिंदी। मानवता को शर्मसार करने वाली एक दुखद घटना फिर सामने आई ,13 वर्ष की उम्र खेलने-कूदने की होती है। पाप और पुण्य का बोध भी इस अवस्था में नहीं होता, लेकिन कम उम्र में ही बेचारी किशोरी को समाज और सिस्टम की बदरंग तस्वीर से रूबरू होना पड़ा। खून से लथपथ दुष्कर्म पीड़ित बिटिया दोहरे दर्द से गुजरी।
एक दर्द तो उसने बार-बार दुष्कर्म में झेला और उसके बाद दूसरा दर्द सरधना सीएचसी परिसर में स्वास्थ्य कर्मचारियों की संवेदनहीनता का झेला। वह तड़पती रही, सिसकती रही मगर किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का दिल नहीं पसीजा। यह हालात इतना बयां करने के लिए काफी हैं कि स्वास्थ्य विभाग और इसके कर्मचारी कितने संवेदनशील हैं।
वैसे तो सीएचसी की इमरजेंसी में 24 घंटे सेवाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन शुक्रवार को गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता सीएचसी पहुंची तो तमाम सुविधाओं के दावे बौने साबित हो गए। सुबह पांच बजे किशोरी वहां पहुंची तो स्वास्थ्य विभाग में रात की शिफ्ट में तैनात चिकित्सक और कुछ कर्मचारी नदारद थे। वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों में इतनी भी मानवता नजर नहीं आई कि बाहर आकर तड़प रही पीड़िता को देख भी लें।
सीएचसी के खुले परिसर में किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया। ऐसी हालत में परिजन खुद को लज्जित महसूस करते रहे। जानकारी मिलने पर इंस्पेक्टर प्रताप सिंह ने हस्तक्षेप किया और अस्पताल में सो रहे कर्मचारियों की लापरवाही का संयुक्त रूप से विरोध किया।
आपात चिकित्सा के लिए सामुदायिक अस्पताल की इमरजेंसी में मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स की तरह की महिला चिकित्सक की भी ड्यूटी लगाने का निर्देश हैं। दुष्कर्म पीड़िता के मेडिकल परीक्षण के मामले में घंटों तक किसी महिला चिकित्सक का न पहुंचना गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. संदीप कुमार गौतम ने बताया कि इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक से लिखित में अब जवाब लिया जाएगा। इसके बाद उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। मामले की जांच के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एसपी देहात कमलेश बहादुर ने बताया कि किशोरी के परिजनों की तहरीर पर आरोपी सुभाष के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी को पकड़ लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। नवजात का डीएनए ले लिया गया है। आरोपी सुभाष का शनिवार को डीएनए लेकर मिलान कराया जाएगा। किशोरी की हालत अभी बयान देने लायक नहीं है। आज शाम तक उसके बयान मुख्य रूप से दर्ज किए जाएंगे।

