पहलगाम हमले पर संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले- ‘प्रजा की रक्षा करना राजा का कर्तव्य’

Pahalgam attack: सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को एक बार फिर से पहलगाम आतंकी हमले पर अपना पक्ष दिया।

0
630
Pahalgam attack: सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को एक बार फिर से पहलगाम आतंकी हमले पर अपना पक्ष दिया।

सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को एक बार फिर से पहलगाम आतंकी हमले पर अपना पक्ष दिया। उन्होंने कहा कि अहिंसा हमारा धर्म है। गुंडों को सबक सिखाना भी हमारा धर्म है। हम अपने पड़ोसियों का कभी अपमान या नुकसान नहीं करते, लेकिन फिर भी अगर कोई बुराई पर उतर आये तो दूसरा विकल्प क्या है? मोहन भागवत ने आगे कहा कि राजा का कर्तव्य प्रजा की रक्षा करना है, राजा को अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।

नई दिल्ली में पीएम संग्रहालय में स्वामी विज्ञानंद की पुस्तक ‘हिंदू मेनिफेस्टो’ के विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे मोहन भागवत ने कहा कि अहिंसा हमारा स्वभाव है, हमारा मूल्य है, लेकिन कुछ लोग नहीं बदलेंगे, चाहे कुछ भी कर लो, वे दुनिया को परेशान करते रहेंगे, तो उनका क्या करें। दुनिया को हमें बहुत सिखाना है और हमारे पास बहुत है। हमारी अहिंसा लोगों को बदलने के लिए है। उन्हें अहिंसक बनाने के लिए है। कुछ लोग तो बन गए, लेकिन कुछ नहीं बने। वे इतने बिगड़े हैं कि कुछ भी करो वे नहीं बदलेंगे। बल्कि दुनिया में और उपद्रव करेंगे।

रावण का वध उसके अच्छे के लिये हुआ
मोहन भागवत ने आगे कहा कि क्योंकि हम तो किसी के दुश्मन नहीं, द्वेष हमारा स्वभाव नहीं है। रावण का वध भी उसके कल्याण के लिए हुआ था। उसके पास अच्छा आदमी बनने के लिए जो जरूरी होता है वह सब था। उसको अच्छा बनाने का एक ही उपाय है कि उस शरीर को समाप्त किया जाए। इसलिए भगवान ने उसका संहार किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here