न्यूज़लिंक हिंदी। टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर कुछ दिन पहले डीप फेक का शिकार हो गए थे। उन्होंने इसके बारे में सबको सतर्क किया था। सचिन ने उस वीडियो को अपने आधिकारिक अकाउंट से शेयर करते हुए बताया कि वायरल हो रहा वीडियो फेक है। हालांकि, इसपर अब मुंबई पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है।
These videos are fake. It is disturbing to see rampant misuse of technology. Request everyone to report videos, ads & apps like these in large numbers.
Social Media platforms need to be alert and responsive to complaints. Swift action from their end is crucial to stopping the… pic.twitter.com/4MwXthxSOM
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) January 15, 2024
दरअसल, सचिन तेंदुलकर के पीए रमेश परदे ने इसकी शिकायत साइबर पुलिस से की। जिसके बाद मुंबई पुलिस हरकत में आई। बता दें कि आईपीसी की धारा 500 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वायरल हो रहे इस वीडियो में वह एक एप का प्रमोशन करते नजर आ रहे हैं। सचिन ने वीडियो पोस्ट करते हुए बताया था कि वीडियो में सचिन तेंदुलकर की आवाज को डब करके AI की मदद से फेक वीडियो बनाया गया है।
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सचिन के इस ट्वीट पर कई फैंस ने अपनी चिंता जाहिर की थी। कुछ लोगों ने कहा कि यह असली लग रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि यह वीडियो हैरान करने वाला था। सचिन ने यह साफ करके अच्छा किया कि यह फर्जी वीडियो है। इसी दौरान कुछ लोगों ने फर्जी वीडियो बनाने वाले पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही थी। अब पुलिस ने ऐसा कर लिया है।
क्या था मामला
डीपफेक वीडियो में सचिन तेंदुलकर कहते नजर आ रहे हैं कि उनकी बेटी एक ऑनलाइन गेम एविएटर खेलती हैं और उससे एक सौ 80 हजार रुपये कमा रही हैं। अब अच्छा पैसा कमाना कितना आसान हो गया है। यह वीडियो सामने आने के बाद खुद सचिन ने इस मामले को अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। यह सभी वीडियो सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर भी शेयर किए गए थे। आईपीसी की धारा 500 और आईटी अधिनियम की धारा 66 सी के तहत मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
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क्या है डीपफेक वीडियो
यह वीडियो एक ऐसी तकनीक है जिससे किसी भी व्यक्ति के चेहरे को किसी दूसरे व्यक्ति के चेहरे से बदला जा सकता है। यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करती है। डीपफेक वीडियो बनाने के लिए, पहले किसी व्यक्ति के चेहरे के कई अलग-अलग वीडियो और तस्वीरों को कलेक्ट किया जाता है, फिर, इन वीडियो और तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके एक मॉडल बनाया जाता है। इस मॉडल को किसी दूसरे व्यक्ति के चेहरे के वीडियो या तस्वीर के साथ इस्तेमाल किया जाता है। इससे उस व्यक्ति के चेहरे को किसी दूसरे व्यक्ति के चेहरे से बदला जा सकता है। यह एक बेहद खतरनाक तकनीक है।

