केके पाठक के ‘खौफ’ पर भारी पड़ा मटन चावल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जमकर हंगामा बुलानी पड़ी पुलिस

बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी बीईओ को अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरिक्षण करने का आदेश दिया है।

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न्यूज़लिंक हिंदी। बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी बीईओ को अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरिक्षण करने का आदेश दिया है। लेकिन भागलपुर में एक ऐसा ममला सामने आया है जिसमें स्कूल जांच के नाम पर बीईओ मटन पार्टी कर रहे हैं। केके पाठक के आदेश का मजाक बनाने का यह मामला जिले सन्हौला प्रखंड क्षेत्र स्थित इंटर स्तरीय उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलबारा में सामने आया है। यहां पिछले कई महीनो चल रहे प्रभार विवाद के बीच विद्यालय में हो रहे मटन पार्टी से आक्रोशीत ग्रामीणो ने जमकर हंगामा मचाया।

क्या है पूरा मामला?
भागलपुर के इंटर स्तरीय उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलवारा में बुधवार को मटन पार्टी को लेकर शिक्षकों के खिलाफ विरोध छिड़ गया। दरअसल मटन पार्टी में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षक के शामिल होने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। इससे ग्रामीणों ने विद्यालय में हंगामा बताया। पूरे दिन विद्यालय हंगामा होता रहा। ग्रामीण नरेंद्र कुमार चौधरी, नवीन मंडल, संजीव कुमार ठाकुर, सुधांशु कुमार झा और सोनू कुमार ने बताया कि विद्यालय में प्रतिदिन पदाधिकारी के मिलीभगत से मटन पार्टी चलती है। बच्चों को मेन्यू के अनुसार खाना नहीं मिल रहा है, वहीं शिक्षक मटन पार्टी कर रहे हैं।

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ग्रामिणों ये भी आरोप लगाया कि विद्यालय में कार्यरत महिला शिक्षक से अभद्र व्यवहार एवं मारपीट हो रही है। इस पूरे मामले को पुलिस ने शांत कराया। पूर्व प्रधान अध्यापक शीला कुमारी और ग्रामीण ने बताया कि परिवार को लेकर बुधवार को वर्तमान प्रभारी द्वारा मेरे साथ व्यवहार करते हुए मारपीट की गई। इसकी जांच पुलिस कर रही है।

क्या बोले प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी?
वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आदेश्वर पांडे ने कहा, “मैं स्कूल जांच के लिए आया था। पूर्व से परिचित शिक्षक ने मुझे खाने के लिए बोला और हम मटन चावल खाने लगे। किसी ने इसका वीडियो बना लिया। इसमें मेरी क्या गलती है।” विद्यालय में मटन की पार्टी होना उचित होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “विद्यालय के मध्यान भोजन की राशि से पार्टी नहीं होनी होती है। शिक्षक अपने मन से पार्टी कर रहे थे।”

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पुलिस ने क्या कहा?
थाना अध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि शिक्षा की मौखिक बात और विद्यालय की बिगड़ी विधि व्यवस्था को देखकर पुलिस गई थी। मामले में की जांच हो रही है। इस संबंध में अब तक कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है।

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