न्यूज़ लिंक हिंदी ,मथुरा। न कोई हलचल न कौतुहल, छह दिसम्बर आम दिनों की तरह गुजर गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास के क्षेत्र को छोड दिया जाये तो लोगों में किसी तरह की कोई चर्चा भी देखने को नहीं मिली। हां जगह जगह तैनात पुलिस बल और कड़ी चेकिंग को देख कर जरूर लोगों को इस बात का कुछ अहसास हुआ कि आज कुछ खास है। छह दिसम्बर को लेकर कई संगठनों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में महायज्ञ, दीपदान, महाभिषेक जैसे कार्यक्रम करने की बात कही थी। हालांकि महायज्ञ के कार्यक्रम को छह दिसम्बर से पहले ही वापस ले लिया गया था।
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जबकि कुछ संगठन अपनी बात पर अड़े रहे। इसे लेकर जिला प्रशासन सतर्क रहा। एक सैकड़ा से अधिक लोगों को पाबंद किया गया था। जो संगठन छह दिसम्बर को लेकर सक्रियता दिखा रहे थे उन संगठनों से जुडे लोगों को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोडा गया था जिससे उनकी गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रखी जा सके। पुलिस प्रशासन की योजना ने काम किया और छह दिसम्बर को कहीं कोई हलचल नहीं होने दी। जिन लोगों को पाबंद किया गया था उन्हें उनके आवास अथवा ठहरने के स्थान पर ही नजर बंद कर दिया गया था।
जबकि करीब एक दर्जन लोगों को विभिन्न स्थानों से हिरासत में ले लिया गया था। विगत कुछ सालों से देश भर में छह दिसम्बर को लेकर सबकी नजर मथुरा पर रहती है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर न्यायालय में भी कई वाद चल रहे हैं। एक के बाद एक कई संगठन कई सालों से लगातार श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर नये कार्यक्रमों की परंपरा का आगाज करना चाहते हैं। इसके लिए लोगों से भी लगातार आह्वान किया जाता रहा है कि छह दिसम्बर को वह घरों से निकलें लेकिन अभी तक इन संगठनों के आह्वानों कोई असर देखने को नहीं मिला है।
बुधवार की सुबह से तय किये गये प्वाइंट पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। इस दौरान मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे से भी लगातार निगरानी की गई और पल पल की हलचल पर पुलिस प्रशासन की नजर रही। इससे पहले मंगलवार को विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं के साथ भी प्रशासन ने बैठक ली थी जिसमें सभी से शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए सहयोग की अपील की गई थी। पुलिस प्रशासन की ओर से किये गये ये तमाम प्रसाय सफल रहे और छह दिसम्बर को श्रीकृष्ण जन्मस्थान और आसपास के क्षेत्र में पूरी तरह से शांति रही।

