न्यूज़लिंक हिंदी। अपने ही देश में देह व्यापार करने पर मजबूर हुई लड़किया , दरअस्ल देह व्यापार के गिरोह सक्रिय हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक कुछ गिरोह सबसे पहले बिहार के सीमावर्ती जिलों में मौजूद सप्लायर से संपर्क करते हैं। उसके बाद नेपाल से लड़कियों की डिमांड की जाती है।
उसके बाद नेपाल के एजेंट और बिहार के कुरियर दोनों मिलकर उनकी सप्लाई को सुनिश्चित रूप से करते हैं। इस खेल में बिहार के दो शहरों का नाम सामने आया है। दरभंगा और मुजफ्फरपुर में बैठकर कुछ लोग इस धंधे को अंजाम दे रहे हैं।
चौंकाने वाली बात ये है कि कमसिन लड़कियों की डिमांड की जाती है। नाबालिग लड़कियों के लिए ज्यादा कीमत अदा की जाती है। सप्लाई करने वालों को निर्देश होता है कि वे कमसिन लड़कियों की सप्लाई करें। इस धंधे की माहिर खिलाड़ी रानी का पता चला है।
मूज़फ्फरपुर से दरभंगा और नेपाल तक फैले देह व्यापार की काली सच्चाई का भंडाफोड़ इंडिया नेपाल बॉडर पर हुआ है। सीमा सुरक्षा बल ने दो नाबालिग को पूर्ण रूप से मुक्त कराया है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बिहार पुलिस के हवाले किया है। दरअसल, मधुबनी जिले के जटही-पिपरौन नेपाल बॉर्डर पर मंगलवार को देह व्यापार के लिए भारत से नेपाल भेजी जा रही दो नाबालिग किशोरियों को एसएसबी ने मुक्त कराया।
एसएसबी ने दोनों लड़कियों को नेपाल ले जा रही एक महिला और उसके साथ दो पुरुष साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान दरभंगा जिला के घनश्यामपुर थाना अंतर्गत कसरौर गांव निवासी रंजीत कुमार झा और कुंज बिहारी झा के रूप में हुई है। फरार आरोपी की पहचान भैरव कुमार झा के रूप में हुई है।
आरोपी महिला की पहचान मुजफ्फरपुर के तिनकाठिया निवासी मुस्कान के रूप में हुई है। एसएसबी अधिकारी के अनुसार जवानों ने संदिग्ध स्थिति में एक स्कॉर्पियो से दो नाबालिग किशोरियों को भारत से नेपाल ले जा रही एक महिला और उसके साथ दो पुरुष साथियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस को दिए बयान में आरोपियों ने बताया कि दरभंगा की रानी नाम की महिला देह व्यापार के लिए लड़कियां सप्लाई करती है। आरोपितों ने रानी से नेपाल ले जाने के लिए तीन लड़कियों की मांग संयुक्त रूप से की थी। रानी ने मोटी रकम लेकर मूज़फ्फरपुर की मुस्कान के साथ दो नाबालिग किशोरियों को सौंपा था।
इसके बाद आरोपी स्कॉर्पियो से मुस्कान और दोनों नाबालिग को लेकर नेपाल रवाना हो गए। इस दौरान जटही-पिपरौन बॉर्डर पर हेड कांस्टेबल और उनकी टीम ने संदेह के आधार पर की गई जांच के बाद मोके वारदात पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

