जुलाई से लागू होगा नया आपराधिक कानून, IPC की लेगा जगह, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

बता दे कि ये तीन कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम हैं। हालांकि ये तीनों कानूनों को पिछले साल 21 सितंबर को संसद से मंजूरी मिली थी।

0
229

न्यूज़लिंक हिंदी। एक जुलाई से देश में आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदलने के लिए तीन नए कानून लागू होंगे। बता दे कि ये तीन कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम हैं। हालांकि ये तीनों कानूनों को पिछले साल 21 सितंबर को संसद से मंजूरी मिली थी। इसके बाद 25 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उन्हें मंजूरी दी थी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से तीन अधिसूचनाएं जारी की गई हैं। इनके मुताबिक नए कानूनों के प्रावधान एक जुलाई से लागू होंगे। ये कानून औपनिवेशिक काल की भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की जगह लेंगे।

तीनों कानूनों का मकसद विभिन्न अपराधों और उनकी सजाओं को परिभाषा देकर देश में आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदलना है।

इन तीनों कानून के संबंध में सरकार ने पिछले साल संसद के मानसून सत्र के दौरान विधेयक पेश किया था। संसद में पेश किए जाने के बाद इसे गृह मामलों की संसद की स्थायी समिति के पास भी भेजा गया था। समिति की ओर से की गई कई सिफारिशों को शामिल किए जाने के बाद इसे संसद के शीतकालीन सत्र में पास कर दिया गया।

ये भी पढ़ें :Bharat Jodo Nyay Yatra: पुलिस भर्ती एग्जाम रद्द होने के बाद राहुल गांधी ने कहा- जो जुड़ेंगे वो जीतेंगे, जो बटेंगे वो कुचल दिए जाएंगे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here