न्यूज़लिंक हिंदी। कोई सोच भी नहीं सकता कि शिखा मैत्रेय के इस चेहरे के पीछे इतना घिनौना रूप छिपा है। दिल्ली से पढ़ी हुई शिखा, यूट्यूब पर चैनल बनाकर लोगों को महिलाओं और नवजात शिशुओं के साथ यौन शोषण के तरीके बताती थी।
महज कुछ दिनों के भीतर ही उसने अपने चैनल पर एक-दो नहीं, बल्कि इस तरह के 115 वीडियो अपलोड कर डाले। शिखा का इरादा था कि उसके ये गंदे वीडियो देखकर चैनल पर फॉलोवर्स की संख्या बढ़ जाए। फॉलोवर्स तो नहीं बढ़े, लेकिन उसके कुकर्मों की वजह से अब उसकी मुश्किलें जरूर बढ़ गई हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए शिखा के वीडियो को लेकर एक्टिविस्ट दीपिका नारायण भारद्वाज ने कौशांबी पुलिस थाने में संयुक्त रूप से शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, सोशल मीडिया पर भी 900 से ज्यादा लोगों ने कमेंट करते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग की।
इसके बाद पुलिस ने शिखा को गाजियाबाद के इंद्रगढ़ी स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शिखा के ऊपर पोक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और आईपीसी की धाराओं में केस दर्ज किया है। इन धाराओं में उसे सात साल तक के लिए जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ सकता है।
गुरुवार को जब पुलिस शिखा मैत्रेय को गिरफ्तार कर कौशांबी थाने लाई, तो वो फफक-फफककर रोने लगी। शिखा पुलिसवालों के सामने गुहार लगा रही थी। उसके शब्द थे, मुझसे गलती हो गई। बस इस बार माफ कर दो, अब कभी ऐसी हरकत नहीं करूंगी। इंदिरापुरम के एसीपी रितेश त्रिपाठी के मुताबिक, शिखा ने कुछ साल पहले ही अपने यूट्यूब चैनल की शुरुआत की थी।
पहले उसका यूट्यूब चैनल उसी के नाम पर था, जिसे बाद में बदलकर उसने कुंवारी बेगम कर लिया। यहां उसके फॉलोवर्स की संख्या 2000 से ऊपर थी।बुधवार को जैसे ही सोशल मीडिया पर नवजात बच्चों के साथ यौन शोषण के लिए उकसाने वाला उसका वीडियो वायरल हुआ, लोगों ने उसके खिलाफ कमेंट करने शुरू कर दिए।
वहीं, कौशांबी थाने में शिखा के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा दी गई। इसकी भनक लगते ही शिखा ने सबसे पहले अपने सभी आपत्तिजनक वीडियो की सेटिंग पब्लिक से प्राइवेट की और बाद में इन्हें डिलीट कर दिया। यहां तक कि उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट भी इनएक्टिव कर दिए। हालांकि, तब तक पुलिस उसे ट्रेस कर चुकी थी और कुछ ही घंटों बाद शिखा सलाखों के पीछे पहुंच गई।

