न्यूज़लिंक हिंदी। ओडिशा के संबलपुर जिले में एक बोरवेल में एक शिशु फंस गया, जिसके बाद राज्य सरकार की ओर से बचाव अभियान शुरू करने के लिए त्वरित कार्रवाई तुरंत की गई। रेंगली क्षेत्र के लारीपाली गांव में स्थित बोरवेल लगभग 15-20 फीट गहरा है और इसमें ऑक्सीजन की आपूर्ति के प्रयास जारी हैं।
शिशु देखने में नवजात लग रहा है और माना जा रहा है कि नवजात शिशु का कोई अभिभावक नहीं है।ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त ने बचाव अभियान चलाने के लिए अग्निशमन सेवा कर्मियों और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की एक टीम को भेजने का सफल प्रयास किया गया है।
कटक के मुंडाली से एनडीआरएफ की एक टीम भी बोरवेल में फंसे शिशु को बचाने में लगी है।दोपहर से चल रहा रेस्क्यू का काम जो की अब भी जारी हैं।
ओडिशा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक ज्ञानरंजन दास ने बताया कि दोपहर को सूचना मिलने के बाद से ही बचाव कार्य पूर्ण रूप से जारी कर दिया गया था।
बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पहुंचे लोग,स्थानीय निवासियों को रोने की आवाज सुनकर बोरवेल के अंदर शिशु की उपस्थिति के बारे में पता चला।
बच्चे को जानबूझकर फेंके जाने का अंदेशा सूत्रों से हो रहा हैं।
शिशु की दुर्दशा की परिस्थितियां अस्पष्ट बनी हुई हैं, और स्थानीय लोगों को संदेह है कि बच्चे को जानबूझकर कुएं में फेंक दिया गया होगा। बोरवेल में ऑक्सिजन सप्लाई भी की जा रही हैं।
संबलपुर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रदीप साहू ने कहा कि बचाव अभियान जारी है। बोरवेल में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। जल्द ही बच्चे के बाहर आने की उम्मीद बताई जा रही हैं।
ओडीआरएएफ टीम बोरवेल के समानांतर गड्ढा खोद रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे को जल्द ही बोरवेल से बाहर निकाला जा सकेगा।

