न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों और विद्यालयों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के गैर मान्यता प्राप्त 238 मदरसों में से 17 मदरसे और 20 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को नोटिस भेजा गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि अक्टूबर के बाद गैर मान्यता संस्थाओं पर एक नवंबर से 10 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।
अल्पसंख्यक विभाग में बिना पंजीकरण चल रहे मदरसे
बता दें, जनपद में हुए सर्वे में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या बढ़ी हुई मिली थी। अल्पसंख्यक विभाग में बिना पंजीकरण कराए ही नगर और देहात क्षेत्र में मदरसों का संचालन हो रहा है। अल्पसंख्यक विभाग में बिना पंजीकरण कराए ही नगर और देहात क्षेत्र में मदरसों का संचालन हो रहा है। रिपोर्ट शासन को भेजी तो जनपद स्तर से इन्हें चिह्नित कर नोटिस भेजे जाने लगे।
‘शिक्षा विभाग के अधिकारी नहीं दे सकते नोटिस’
इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा, ‘निरीक्षक अरबी मदरसा अथवा अध्यक्ष या निदेशक द्वारा नामित किसी अधिकारी द्वारा कभी भी मदरसों का निरीक्षण किया सकेगा। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004/विनियमवाली 2016 में दिए व्यवस्था के तहत अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अलावा किसी भी विभाग के अधिकारी द्वारा ना तो निरीक्षण किया जाएगा और ना ही किसी प्रकार की नोटिस दी जाएगी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अक्सर संज्ञान में आता है कि नियमों से हट कर शिक्षा विभाग के अधिकारी जो सक्षम प्राधिकारी ना होने के बावजूद उनके द्वारा जनपद में संचालित मदरसों का निरीक्षण किया जाता है और नोटिस भी दी जाती है जो अधिनियम के विपरीत है।’

