न्यूज़लिंक हिंदी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को किसी ने गुमराह किया है। उनको ठीक से ब्रीफिंग नहीं की गई। प्रधानमंत्री का पद बहुत बड़ा होता है। गहलोत बोले कि पीएम को उनकी पार्टी ने गलत रिपोर्ट दी, इसलिए वह इस प्रकार की भाषा बोले हैं, जो लोकतंत्र में ऑब्जेक्शनेबल है। ऐसा भी हो सकता है कि वह घबरा कर जानबूझकर ऐसा बोल रहे हैं। सीएम बोले कि इस भाषा को उचित नहीं कहा जा सकता है। इससे माहौल खराब होता है। राजनीतिक पार्टियों को ऐसा नहीं करना चाहि। कन्हैयालाल का मर्डर करने वाले कौन थे? वह बीजेपी के लोग थे, यह उनको ब्रीफिंग नहीं की होगी। बता दें कि वप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उदयपुर में सभा के दौरान कन्हैया लाल हत्याकांड का जिक्र किया था।
‘प्रधानमंत्री की भाषा स्वीकार्य नहीं’
सीएम गहलोत आज पाली और जालोर के चुनावी दौरे पर रवाना होने से पहले जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से रु-ब-रु हुए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री की सभा का ज़िक्र करते हुए उन्हें और भाजपा को आड़े हाथ लिया। खासतौर से कन्हैयालाल प्रकरण को लेकर प्रधानमंत्री के हमलावर टिप्पणियों पर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया।
सीएम गहलोत ने कहा कि पीएम मोदी ने जो अपने भाषण में भाषा का प्रयोग किया है वो स्वीकार्य नहीं है। उनसे निवेदन है कि ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करें। राजस्थान के माहौल से भाजपा बौखला गई है और वह नॉन इशू को इशू बना रहे हैं।
‘पीएम को गुमराह कर रहे भाजपा नेता’
सीएम गहलोत ने भाजपा नेताओं पर प्रधानमंत्री को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर के भाजपा नेता प्रधानमंत्री को यहां का गलत फीडबैक दे रहे हैं। सीएम ने कहा कि हमारी कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है विचारधारा की लड़ाई है।
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‘पीएम बताएं, कन्हैया मामले की जांच कहां तक पहुंची?’
सीएम गहलोत ने उदयपुर के चर्चित कन्हैया लाल हत्याकांड पर प्रधानमंत्री को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि टेलर कन्हैया हत्याकांड में राज्य सरकार की ओर से हर स्तर पर त्वरित कार्रवाई हुई है। घटनाक्रम सामने आने के फ़ौरन बाद हत्यारों को पकड़ा भी गया है। अब पीएम मोदी बताएं कि इसी मामले की एनआईए जांच आगे कितनी बढ़ी है?

