अब बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए अब संस्थाओं को एआईसीटीई से मान्यता लेनी होगी।
और कई बार मान्यता प्रक्रिया में विलंब के चलते इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश से लेकर परीक्षा तक विलंब से आरंभ हो पाता है।
लेकिन विभिन्न विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन कोर्स में एकरूपता लाने के लिए ऑल इंडिया काउंसिल आफ टेक्निकल एजुकेशन ने नई प्रक्रिया भी लागू किया है।
और पिछले साल एआईसीटीई ने प्राविधिक विश्वविद्यालयों को बीबीए और बीसीए कोर्स की संबद्धता प्रदान करने की मंजूरी भी दी थी।
लेकिन इस वर्ष नियमों में बदलाव करते हुए बीबीए, बीसीए कॉलेजों को अपने पंजीकरण कराने के भी निर्देश दिए हैं।
साथ ही इसके तहत सभी विश्वविद्यालयों से जुड़े बीबीए, बीसीए कॉलेज को अब एआईसीटीई के पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा।
फिर इसके बाद एआईसीटीई इन सभी कॉलेजों को एनओसी जारी करेगा। एआईसीटीई इन दोनों विषयों की निगरानी बीटेक विषय की तरह करेगा।
और फिर विभिन्न संस्थानों में बीबीए और बीसीए कोर्स में एकरूपता का अभाव था। साथ ही कई संस्थानों में इसे परंपरागत रूप से पढ़ाया जा रहा है तो कुछ संस्थान काफी एडवांस स्तर पर पढ़ाई करा रहे हैं।
और ऐसे में परास्नातक पाठ्यक्रम में जब छात्र किसी अन्य संस्थान में प्रवेश लेता है जहां पाठ्यक्रम एडवांस नहीं है तो उसे नुकसान होता है। इस स्थिति से निपटने के लिए एआईसीटीई खुद इन दोनो स्नातक पाठ्यक्रमों को तैयार करेगा।
इसके अलावा लखनऊ विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों में भी बीबीए, बीसीए को नए मानक पूरे करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
कुलसचिव ने बताया कि एआईसीटीई की नई गाइडलाइन प्राप्त हो चुका है। संबद्ध सभी महाविद्यालय जहां पर बीबीए और बीसीए कोर्स का संचालन किया जाता है।
उनको निर्देश दिया है कि वह इस साल हर हाल में अपना पंजीकरण एआईसीटीई के पोर्टल पर कर भी ले।
हमें बीबीए और बीसीए कोर्स की संबद्धता प्रदान करने की मंजूरी मिलने के बाद आवेदन लेकर संबद्धता की प्रक्रिया को शुरू किया था।
हमारे एकेटीयू से जितने भी कॉलेज ने बीबीए व बीसीए कोर्स से संबद्धता लेने के लिए आवेदन किया है उनको एआईसीटीई के पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कराना होगा। इसका निर्देश भी दिया गया है।