न्यूज़लिंक हिंदी। अब विदेशी मुद्रा की किल्लत दूर हो सकती, इस समय पाकिस्तान पश्चिम एशिया के कुछ बैंकों से करीब 4 अरब डॉलर का कर्ज लेने के लिए बातचीत कर रहा है।
इस लोन का उद्देश्य करेंस फाइनेंसियल ईयर के दौरान देश के बाहरी वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में मदद करना है। एक तरह से देखा जाए तो यह 7 बिलियन डॉलर की विस्तारित फंड सुविधा का ही हिस्सा है जो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और उनकी टीम ने बीते गुरुवार को दुबई इस्लामिक बैंक के ग्रुप सीईओ डॉ. अदनान चिलवान के साथ एक वर्चुअल से पूर्ण बैठक भी की। इससे एक दिन पहले मतलब कि बुधवार को मशरेक बैंक के अध्यक्ष और ग्रुप सीईओ अहमद अब्देलाल के साथ भी ऐसी ही बैठक हुई। दोनों बैठकें पाकिस्तान के आर्थिक दृष्टिकोण पर चर्चा करने और संभावित निवेश अवसरों का पता लगाने के लिए मुख्य आयोजित की गईं।
पाकिस्तान ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में विदेशी स्रोतों से लगभग 20 अरब डॉलर का कर्ज लेने की योजना बनाई है। इसके साथ ही इकॉनोमी के बैलेंस ऑफ पेमेंट बनाए रखने के लिए संयुक्त अरब अमीरात से 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त रोलओवर करने की योजना भी बनाई है।
यदि इन सब स्रोतो से लोन मिल जाता है तो साल के अंत तक पाकिस्तान का विदेशी मु्द्रा भंडार करीब 19-20 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की पूरी उम्मीद है। इस 20 बिलियन डॉलर में से, लगभग 4 बिलियन डॉलर फॉरेन कामर्शियल लोन्स से ही आएंगे, और अन्य 1 बिलियन डॉलर इंटरनेशन बांड के जरिए ही जुटाए जाएंगे।

