आज कांग्रेस समेत आठ विपक्षी दलों ने ओडिशा बंद का आह्वान किया है। और फिर बंद गुरुवार की सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ही जारी रहेगा।
और इसके अलावा बंद का असर गुरुवार की सुबह पूरे राज्य में ही दिख रहा है। बालासोर के एफएम कॉलेज की छात्रा की मौत के बाद विपक्षी दलों ने बंद का आह्वान किया है।
ओडिशा में स्कूल और कॉलेज भी बंद है। और साथ ही दुकान, बाज़ार, शॉपिंग मॉल और सिनेमा हॉल भी बंद है।
और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी असर पड़ा है। इसके अलावा ओडिशा में 30 हज़ार पेट्रोल पंप भी बंद पड़े हैं।
हालांकि, आपातकालीन सेवा अभी जारी है। और एंबुलेंस सर्विस और अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर बंद का कोई असर नहीं हुआ है।
और मेडिकल स्टोर भी खुले हुए हैं। और इस बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभापति भक्त चरण दास ने एक वीडियो जारी कर लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से इस बंद में शामिल होने की अपील की है।
और फिर बंद को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किए गए हैं। और लोक सेवा भवन , विधानसभा और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
साथ ही राज्य सरकार ने ज़िला कलेक्टरों को अलर्ट पर रहने का मुख्य निर्देश दिया है। और कलेक्टरों को सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा और ज़रूरी सेवा प्रभावित नहीं हो, इसका ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
साथ ही पुलिस कमिश्नर एस देबदत्त सिंह ने कहा है कि विरोध प्रदर्शन का अधिकार राजनीतिक दलों के पास है।
और क़ानून के ख़िलाफ़ जो भी काम करेगा, उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई भी की जाएगी। और बंद का आह्वान करने वाली कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने छात्रा की मौत की न्यायिक जांच की मांग भी की है।
साथ ही विपक्षी दलों ने उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज, बालासोर के सांसद प्रताप सारंगी और बालासोर सदर विधायक मानस कुमार दत्त के इस्तीफ़े की भी मांग की है।
इसके अलावा कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने बालासोर के ज़िलाधिकारी सूर्यवंशी मयूर विकाश और पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद के ख़िलाफ़ तत्काल कार्रवाई की भी मांग की है।
विपक्षी दलों का ये भी आरोप है कि राज्य में बिगड़ती क़ानून-व्यवस्था ने लोगों की जान-माल को ख़तरे में डाल दिया है और क़ानून का राज ध्वस्त हो गया है।