न्यूज़लिंक हिंदी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय और पूर्व मंत्री हिना रब्बानी खार के बाद अब एक और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने अनुच्छेद 370 पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बिलावल ने भारत के कदम के सुरक्षा परिषद के खिलाफ करार भी दे डाला है।
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी जो हर बार कश्मीर पर जहर उगलते हैं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर तमतमा गए हैं। इस बार उन्होंने अपनी भड़ास निकाली है। बिलावल ने ऐतिहासिक फैसले पर प्रतिक्रिया दी और जम्मू कश्मीर को एक विवादित सीमा करार दे दिया।
उनकी मानें तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला साबित करता है कि भारत किस तरह से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता है। साथ ही विदेश मंत्रालय ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने से भी इनकार कर दिया है।
बिलावल ने कहा ये कानून का उल्लंघन हैं,
बिलावल भुट्टो जरदारी ने लिखा है, भारत में हाल ही में आया फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन को साबित करता है। जम्मू कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवादित क्षेत्र है और वहां पर ऐसे फैसलों की भी विश्वसनीयता की कमी है। 5 अगस्त, 2019 के बाद से भारत की हरकतें कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं की अनदेखी करने वाली हैं, बिलावल यही नहीं रुके और उन्होंने आगे लिखा है। न तो भारतीय संसद और न ही इसकी न्यायपालिका के पास यूएनएससी के प्रस्तावों या अंतरराष्ट्रीय समझौतों में संशोधन करने का अधिकार है।
कश्मीर को विवादित भी बताया,
बिलावल की मानें तो वैश्विक समुदाय और संयुक्त राष्ट्र की नजर में जम्मू कश्मीर एक विवादित क्षेत्र बना हुआ है, जिसके भाग्य का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार ही किया जाएगा। उनका कहना था कि भारत ने अनुच्छेद 370 को हटाकर बातचीत के सभी विकल्पों को कमजोर कर दिया है। इससे पहले बिलावल ने इस साल की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मामला उठाया था। उन्होंने महिलाओं की स्थिति, शांति और सुरक्षा पर बहस में कश्मीर में अत्याचारों की बात कही थी।

