न्यूज़लिंक हिंदी। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित बाल्टिस्तान क्षेत्र में शनिवार को आतंकियों ने एक यात्री बस पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारी ने कहा कि गिलगित से रावलपिंडी जा रही बस पर शाम 6:30 बजे चिलास के पास हमला हुआ।
हमले के बाद चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया और बस सामने से आ रहे एक ट्रक से टकरा गई। चिलास के पुलिस उपायुक्त आरिफ अहमद ने कहा कि आठ में से पांच मृतकों की पहचान हो गई है। मृतकों में दो सैनिक भी हैं जो बस में सवार थे। वहीं, घायलों में विशेष सुरक्षा इकाई का एक जवान शामिल है। घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमले के बाद आतंकी फरार हो गए।
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घटनास्थल की कि गई घेरबंदी
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार डायमर के पुलिस अधीक्षक सरदार शहरयार ने कहा कि घटनास्थल पर सबसे पहले काराकोरम हाईवे (KKH) पुलिसकर्मी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने शवों और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया।
SP ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद अन्य वाहनों को काफिले के रूप में वहां से ले जाया गया। उन्होंने आगे कहा कि जिस जगह पर हमला हुआ था, वहां सबूत इकट्ठा करने के लिए घेराबंदी कर दी गई है। घायल लोगों को क्षेत्रीय मुख्यालय अस्पताल चिलास में भर्ती कराया गया है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
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किसी भी आतंकी समूह ने नहीं ली जिम्मेदारी
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी समूह ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और गोलीबारी का मकसद पता नहीं चल पाया है। मुख्यमंत्री हाजी गुलबार खान ने घटना की निंदा की और यात्री बस पर हुए हमले को आतंकवाद की कायरतापूर्ण कार्रवाई करार दिया। उन्होंने घटना की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल के गठन की घोषणा की। इससे पहले साल 2013 में कुछ आतंकवादियों ने गिलगित बाल्टिस्तान में पर्वतारोहियों के एक कैंप पर हमला किया था। उस हमले में 9 विदेशी लोगों की मौत हो गई थी।
पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री ने की निंदा
पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री, अनवर-उल-हक काकर ने आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि राज्य विरोधी तत्वों को गिलगित बाल्टिस्तान की शांति को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हम आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।

