न्यूज़लिंक हिंदी। पाकिस्तान के सदिकाबाद में अहमदपुर लुम्मा शहर में एक कृष्ण मंदिर को तोड़कर मदरसा बनाने का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो के वायरल होते ही विवाद शुरू हो गया। वायरल वीडियो में कृष्ण मंदिर का पूरा नजारा दिखाया गया है, जहां मंदिर के सामने ही भगवान कृष्ण की मूर्ति लगी हुई थी। हालांकि, यह मंदिर अब जल्द ही इस्लामी शिक्षण संस्थान बनने वाला है।
सदिकाबाद में स्थित यह कृष्ण मंदिर अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह कई वर्षों से शहर का एक हिस्सा रहा है। दो गायों के साथ बांसुरी बजाते हुए भगवान कृष्ण की मूर्ति से सजा हुआ इस मंदिर को धार्मिक विविधता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।
#Mandir Converted To Masjid In Sadiqabad Panjab:
a temple in Ahmed Pur Lamma city of Panjab which has been converted into a mosque, and this temple used to be of #Shri_Krishna#savetemplesinpakistan @LostTemple7 pic.twitter.com/BMnKZ2GD4r— Narain Das Bheel (@NarainDasBheel8) December 1, 2023
मंदिर को तोड़कर वहां मदरसा बनाने की खबर ने चर्चा को बढ़ावा दिया है। दरअसल, ऐतिहासिक महत्व वाले धार्मिक स्थानों का रूपांतरण सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और धार्मिक मान्यतों के सम्मान के बारे में चिंता पैदा करता है।
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इस वीडियो के अनुसार, मंदिर का मुख्य द्वार बंद है। वीडियो में मदरसा से जुड़े एक कादरी मंदिर की संरचना को विस्तार से समझाते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थान को 50 वर्षों से अधिक समय से मस्जिद और मदरसा के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके भीतर बच्चे कुरान का अध्यनन कर रहे हैं। वीडियो में कादरी ने दावा किया कि वह भारत से पाकिस्तान आए थे।

