Parliament Winter Session: पीएम मोदी ने शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले मीडिया को किया संबोधित, ‘लोकतंत्र के मंदिर को मंच मत बनाइए’

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'देश ने नकारात्मकता को नकारा है। मैं लगातार सत्र के प्रारंभ में विपक्षियों के साथ विचार विमर्श करता हूं। लोकतंत्र का यह मंदिर जन आकांक्षाओं के लिए, विकसित भारत की नींव को और अधिक मजबूत बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण मंच हैं। मैं सभी सांसदों से आग्रह करता हूं कि वो ज्यादा से ज्यादा तैयारी करके आएं।

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न्यूज़लिंक हिंदी। 17वीं लोकसभा का आख़िरी शीतकालीन सत्र आज शुरू होने जा रहा है। 22 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में 21 खास बिल होंगे जो पेश होंगे। इस सत्र के दौरान लोकसभा में उस वक्त हंगामा हो सकता है, जब सदन की आचार समिति की रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को ‘रिश्वत लेकर सवाल पूछने’ के आरोप में निष्कासित करने की सिफारिश की गई है। वहीं सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया।

शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा- देश में ठंड धीमी गति से बढ़ रही है लेकिन राजनीतिक गर्मी तेजी से बढ़ रही है। चार राज्‍यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम उत्‍साह बढ़ाने वाले हैं। ये देश के भविष्‍य को सुनिश्चित करने वाले परिणाम हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा- उत्‍तम जनादेश के बाद संसद के मंदिर में मिल रहे हैं। मेरी सभी सांसदों से अपील है, कि सकारात्‍मक विचार लेकर संसद में आइए। बाहर की पराजय का गुस्‍सा संसद में लेकर मत आइएगा। लोकतंत्र के मंदिर को राजनीति का मंच मत बनाइए| देश को सकारात्‍मकता का संदेश दें।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘देश ने नकारात्मकता को नकारा है। मैं लगातार सत्र के प्रारंभ में विपक्षियों के साथ विचार विमर्श करता हूं। लोकतंत्र का यह मंदिर जन आकांक्षाओं के लिए, विकसित भारत की नींव को और अधिक मजबूत बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण मंच हैं। मैं सभी सांसदों से आग्रह करता हूं कि वो ज्यादा से ज्यादा तैयारी करके आएं।

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सदन में जो बिल रखे जाए उनपर गहन चर्चा हो। उत्तम से उत्तम सुझाव आएं क्योंकि जब कोई सांसद सुझाव रखता है तो जमीनी हकीकत से जुड़ा होता है। इसलिए हम हमेशा विचार करने का आग्रह करते हैं। इस बार भी ये सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘अगर मैं वर्तमान चुनाव नतीजों के आधार पर कहूं, तो ये विपक्ष में बैठे हुए साथियों के लिए सुनहरा अवसर है। इस सत्र में पराजय का गुस्सा निकालने की योजना बनाने के बजाय, इस पराजय से सीखकर, पिछले नौ साल में चलाई गई नकारात्मकता की प्रवृत्ति को छोड़कर इस सत्र में अगर सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ेंगे तो देश उनकी तरफ देखने का दृष्टिकोण बदलेगा।’

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