पाकिस्तान की गोलियों से उतारें आरती, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा और कोई विकल्प नहीं

BJP MP Nishikant Dubey: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में बीती 22 अप्रैल का आतंकी हमला हुआ था। जिसमें 26 पर्यटक मारे गये थे। इसके बाद से ही पूरे देश में माहौल गर्म है।

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भाजपा सांसद निशिकांत दुबे.

नई दिल्ली। पार्लियामेंट एनेक्सी भवन में सोमवार को हुई रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि पाकिस्तान की गोलियों से आरती उतारने का वक्त है और कोई विकल्प नहीं है। आगे कहा कि पाकिस्तानियों की तरफ से हमारे लोगों की हत्या की जा रही है, हमें क्या उनकी आरती उतारनी चाहिए? उन्होंने कहा कि मैं विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता हूं और मेरा एक ही नारा है कश्मीर है पुकारती, पुकारती है भारती, खून से तिलक करो, गोलियों से आरती…

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में बीती 22 अप्रैल का आतंकी हमला हुआ था। जिसमें 26 पर्यटक मारे गये थे। इसके बाद से ही पूरे देश में माहौल गर्म है। लाइन ऑफ कंट्रोल पर भी तनातनी है। इसी बीच रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक पार्लियामेंट एनेक्सी भवन में हुई।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यहां-वहां कुछ कांग्रेस नेता बयान दे रहे हैं। ये उनकी निजी राय है। ये कांग्रेस पार्टी की राय नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि नेताओं को ऐसा बोलने का अधिकार नहीं दिया। सर्वदलीय बैठक में खड़गे जी और राहुल जी ने कहा है कि ऐसे संवेदनशील समय में हमारा प्रस्ताव है कि एआईसीसी के अधिकारी जो बोलेंगे, वह मान्य होगा।

एआईएमआईएम अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुये कहा है कि आतंकी हिंदू और मुसलमानों के बीच झगड़े कराना चाहते हैं। गैर-मुस्लिम हमारे भाई-बहनों का मारने का एजेंडा एक ही था, वे (आतंकी) चाहते थे कि कोई गैर-मुस्लिम कश्मीर न आ सके। ओवैसी ने कहा कि आईएसआई, आईएसआईएस भारत में हिंदू-मुस्लिम झगड़े कराना चाहते हैं। यही सब कराने के लिए पहलगाम हमला कराया गया। गैर-मुस्लिम हमारे भाई-बहनों का मारने का एजेंडा एक ही था, वे (आतंकी) चाहते थे कि कोई गैर-मुस्लिम कश्मीर न आ सके। ओवैसी ने पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में डालने की मांग की।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि हमें अफसोस है कि आज हमारा पड़ोसी भी यह नहीं समझ रहा कि उसने इंसानियत की हत्या की है। अगर उन्हें लगता है कि ऐसा करने से हम पाकिस्तान के साथ चले जाएंगे तो हमें उनकी गलतफहमी दूर कर देनी चाहिए। हम 1947 में उनके साथ नहीं गए तो आज क्यों जाएंगे? हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हम सब एक हैं। उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे।

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